31 दिसंबर तक मिल सकता है नया चीफ ऑफ स्टाफ, जनरल रावत का नाम सबसे आगे


तीनों सेनाओं के प्रमुखों की मौजूदगी वाली चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन (सीओएससी) की नियुक्ति के लिए होने वाला परंपरागत 'बैटन हैंडओवर' समारोह शुक्रवार को आखिरी पलों में रद्द कर दिया गया। हालांकि सूत्रों ने कहा कि अब यह समारोह 31 दिसंबर को आयोजित हो सकता है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञ इसे देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की जल्द नियुक्ति का संकेत मान रहे हैं। केंद्रीय कैबिनेट ने तीन दिन पहले ही सीडीएस पद के सृजन को मंजूरी दी है।


बता दें कि सीओएससी का चेयरमैन भारतीय सेना, वायुसेना व नौसेना प्रमुखों में से सबसे वरिष्ठ सदस्य को बनाया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को समारोह में वर्तमान सीओएससी चेयरमैन व सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को इस पद का बैटन नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह को सौंपने वाले थे। यह समारोह जनरल रावत के 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो जाने के कारण आयोजित किया जा रहा था।


हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सीडीएस की नियुक्ति के बाद वह ही सीओएससी का चेयरमैन होगा और इसी कारण सीओएससी चेयरमैन के नियुक्ति समारोह को रद्द किया गया है। सीडीएस की नियुक्ति के बाद वह तीनों सेनाओं से जुड़े सभी मुद्दों पर रक्षा मंत्री के प्रमुख सैन्य सलाहकार के तौर पर काम करेगा।


27 सितंबर को तत्कालीन वायुसेना अध्यक्ष एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ से सीओएससी चेयरमैन का बैटन ग्रहण करने वाले जनरल रावत को ही देश का पहला सीडीएस बनने की होड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। जनरल रावत 31 दिसंबर, 2016 को सेना प्रमुख बने थे।