दानिश कनेरिया ने बोला 'जय श्रीराम',पाकिस्तानी क्रिकेटर, इमरान खान पर लगाया आरोप


पाकिस्तान क्रिकेट इन दिनों सुर्खियों में है। शोएब अख्तर द्वारा दानिश कनेरिया पर दिए गए बयान के बाद पाकिस्तान में हिंदू क्रिकेटरों के उत्पीड़न की खबरें चर्चा में हैं। दानिश कनेरिया खुद हर रोज नए खुलासे कर रहे हैं और अपने देश के साथी खिलाड़ियों सहित पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड पर भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं। कनेरिया एक बार फिर से नए आरोप के साथ सामने आए हैं और वीडियो बनाकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री  इमरान खान पर गंभीर आरोप लगाया है।
 

कनेरिया लगातार आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने जबतक पाकिस्तान के लिए क्रिकेट खेला उन्हें कई बार भेदभाव का सामना करना पड़ा। कनेरिया ने अब अपने नए वीडियो में पीसीबी के साथ-साथ पाकिस्तान के पीएम इमरान खान पर भी भेदभाव आरोप लगाया है।

अपने नए वीडियो में दानिश कनेरिया ने नमस्कार, सलाम, जय श्री राम से बातचीत की शुरुआत की और कहा कि पाक टीम में मेरे साथ हुई भेदभाव की घटना की बात शोएब अख्तर ने शुरू की, मैंने उसका जवाब दिया है। 


इमरान खान ने भी मेरी मदद नहीं की



उन्होंने आगे कहा कि मेरे साथ भेदभाव हुआ और मैंने उसपर ध्यान ना देकर मेहनत की और खेलता रहा। इंग्लैंड के काउंटी मैच में फिक्सिंग के मामले में दोषी करार दिए जाने के मुद्दे पर कनेरिया ने पाक पीएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि इमरान खान ने भी मेरी मदद नहीं की। मैं इमरान खान के पास भी गया था और मुझे मदद नहीं मिली तो मुझे महसूस हुआ कि मेरे साथ भेदभाव हो रहा है।

कनेरिया ने आगे कहा कि उनपर धर्म का सहारा लेने के भी आरोप लगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के नागरिक के तौर पर मुझे हक दिया जाए। मेरा भी घर है, मेरे पास कोई भी काम नहीं है, मेरा भी परिवार है, बच्चे हैं, मैं उन्हें पढ़ाना चाहता हूं। इमरान खान जिस पद पर बैठे हैं अगर उसके बावजूद भी वो मेरी मदद नहीं कर सकते तो ये भेदभाव ही है।

पीसीबी पर लगाया था गंभीर आरोप
कनेरिया ने एक वीडियो के जरिए एक सनसनीखेज खुलासा किया था। उन्होंने कहा थी कि पाकिस्तान टीम में ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने मैच फिक्स किए और 'देश को बेच दिया', लेकिन पीसीबी में उनका वापस स्वागत किया गया। दानिश ने कहा था कि उन्होंने कभी अपने देश को पैसे के लिए नहीं बेचा है। 

कनेरिया के इस विवाद पर पूर्व कप्तान इंजमाम ने कहा था कि कनेरिया सबसे ज्यादा मेरी कप्तानी में खेले और मुझे अपनी टीम में कभी ऐसा व्यवहार देखने को नहीं मिला। मैंने कभी यह नहीं महसूस किया कि किसी खिलाड़ी के उसके गैर-मुस्लिम होने के कारण गलत व्यवहार किया गया हो।