डीजीपी जम्मू कश्मीर : अनुच्छेद 370 हटाने के बाद 2016 की तरह बड़ी हिंसा की थी आशंका
पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद सुरक्षा बड़ी चुनौती थी। इससे निपटने में पुलिस सफल रही। अवाम और सुरक्षा एजेंसियों के बेहतर तालमेल और सहयोग से ऐसा संभव हो सका। राजनीतिक हस्तक्षेप न होना भी इसमें शामिल है।
 

सिंह ने कहा कि 2019 में आतंकी घटनाओं में कमी आई। नशा तस्करी और  युवाओं के आतंकी संगठन में शामिल होने का ग्राफ भी कम रहा। जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य होने पर मोबाइल इंटरनेट चलेगा। हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं।

मंगलवार को महानिदेशक ने वार्षिक लेखा जोखा पेश किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से 2016 में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कानून व्यवस्था गड़बड़ा गई थी। उस दौरान कई लोगों की मौत भी हुई। इसी तरह के हालात 370 हटने के बाद भी बनने की आशंका थी, लेकिन पुख्ता रणनीति के तहत इससे निपटा गया। इसी का नतीजा है कि 370 हटने के बाद किसी एक व्यक्ति की भी जान नहीं गई।


अनुच्छेद 370 हटने के बाद सिर्फ 8 फीसदी हिंसा की घटनाएं हुईं



उन्होंने बताया कि 2016 की तुलना में अनुच्छेद 370 हटने के बाद सिर्फ 8 फीसदी ही हिंसा की घटनाएं ही हुईं। सिंह ने कहा कि पुलिस के सामने बहुत सी चुनौतियां थीं लेकिन इनसे सफलतापूर्वक निपटा गया। पहले पंचायत फिर निकाय चुनाव के साथ लोकसभा और हाल ही में बीडीसी चुनाव शानदार तरीके से संपन्न करवाए गए। 2017 में अमरनाथ यात्रा पर हमले के बाद इस साल यात्रा भी बड़ी चुनौती थी। जिसके लिए मजबूत बंदोबस्त किए गए और यात्रा भी कामयाब रही।