ईयर एंडर 2019 : क्रिकेट को BCCI की मान्यता, अन्य खेलों को दी गयी चुनौतियां


उत्तराखंड में वर्ष 2019 में प्रदेश सरकार उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन को बीसीसीआई की मान्यता दिलाने में सफल रही, लेकिन अन्य खेलों पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया। 2021 के राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी की तैयारी बेहद धीमी रही। साथ ही खिलाड़ियों की सुविधाओं को लेकर भी कुछ खास काम नहीं हो पाया है। कई खेलों में तो खिलाड़ियों को इस साल खेल किट तक नहीं उपलब्ध कराई जा सकी है। 
 

प्रदेश के खिलाड़ी और खेल प्रेमी लंबे समय से बीसीसीआई की मान्यता का इंतजार कर रहे थे। मान्यता मिलने के बाद क्रिकेट प्रतिभाएं अपने प्रदेश से खेल रही हैं। वहीं खेल विभाग महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज रायपुर में शूटिंग रेंज का निर्माण करा रहा है। इसके लिए 1263.44 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई है। रायपुर में इसके निर्माण से 1653 से अधिक खिलाड़ी लाभान्वित होेंगे।

वहीं वर्ष 2021 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों को तैयारी भी कुछ खास नहीं है। स्पोर्ट्स कालेज रायपुर में इसके लिए राष्ट्रीय खेल सचिवालय खोल दिया गया है, लेकिन राष्ट्रीय खेल की तैयारी को लेकर बजट का अभाव बना है। खेल विभाग के पास हर साल होने वाले खेल महाकुंभ के अलावा कोई खास उपलब्धि नहीं है।


राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक नहीं बिखेर पा रहे खिलाड़ी



हॉकी और फुटबाल जैसे खेलों के लिए मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक नहीं बिखेर पा रहे हैं। हालांकि इस साल पर्यटन विभाग ने जरूर विंटर गेम्स का आयोजन किया था।

ऐसे कैसे प्रोत्साहित होंगे खिलाड़ी?

प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 2017-18 के वर्ष 2019 में देवभूमि खेल रत्न पुरस्कार, देवभूमि द्रोणाचार्य और देवभूमि लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड घोषित किए गए, लेकिन अब तक ये अवार्ड नहीं दिए जा सके हैं। इतना ही नहीं वर्ष 2018-19 के पुरस्कारों की अब तक घोषणा नहीं की जा सकी है। वहीं 2019-20 के लिए अब तक आवेदन तक नहीं लिए गए।

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को नहीं मिला कैश अवार्ड

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को हर साल कैश अवार्ड दिया जाता है, लेकिन वर्ष 2018 से खिलाड़ियों को अब तक कैश अवार्ड नहीं मिले। विभाग की ओर से 2018 के कैश अवार्ड के अब आवेदन मांगे गए हैं, जिसकी अंतिम तिथि 30 दिसंबर 2019 है।