इंदौर, निगम के बिल कलेक्टर के यहां लोकायुक्त ने मारा छापा

इंदौर।  इंदौर नगर निगम के बिल कलेक्टर रियाज उल-हक अंसारी के निवास पर आज लोकायुक्त पुलिस ने सुबह छापा मारा। उनके निवास की जांच में उनके पास एक करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति मिली है। अंसारी हाल ही में निगम के दो कमाऊ झोन में तैनात रह चुका है। वर्तमान मेें उसे लायसेंस शाखा में पदस्थ किया गया है।


लोकायुक्त एसपी सव्यसाची सर्राफ को सूचना मिली थी कि नगर निगम का कर्मचारी रियाज उल-हक अंसारी निवासी देव छाया अपार्टमेंट स्नेहलतागंज में रहता है और उसने अपनी आय से अधिक अघोषित संपत्ति जुटा ली है।


 एसपी सर्राफ के निर्देश पर लोकायुक्त डीएसपी बघेल के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम आज सुबह रियाज उल्लाह अंसारी के घर पहुंची और दरवाजा बजाया तो उसकी पत्नी ने दरवाजा खोला और पूछा कि आप कौन हो? जैसे ही अधिकारियों ने बताया कि लोकायुक्त से आए हैं यह सुनते ही गहरी नींद में सो रहे रियाज उल-हक अंसारी की नींद खुल गई और परिजनों में हड़कंप मच गया।


जांच में यह मिली संपत्ति
बघेल के मुताबिक प्रारंभिक जांच पड़ताल में रियाज उल-हक अंसारी के नाम और परिजन के नाम 4 फ्लैट खजराना में पाकीजा लाइफस्टाइल द्वारा कॉलोनी में, भूखंड नारायण शाह वाली दरगाह खजराना में, बहन को दिए गए भूखंड और मकान जेल रोड पर कुछ माह पहले बेची गई एक दुकान और चांदी के आभूषण तथा 50,000 रुपए नकदी सहित एक डस्टर कार आदि की जानकारी मिली है।


 बघेल ने बताया कि एक करोड़ से अधिक की अनुपातहीन संपत्ति बरामद हुई है।
गबन की हुई थी शिकायत
अंसारी के खिलाफ नगर निगम के अधिकारियों को पूर्व में यह शिकायत मिली थी कि इसके द्वारा नागरिकों से कर की राशि वसूलने के बाद उसमें गबन कर दिया जाता है। राशि को जितना वसूला है उतना संबंधित के खाते में जमा न करते हुए बीच में ही अपना खेल दिखा दिया जाता है। इस शिकायत पर निगम प्रशासन के द्वारा उनके खिलाफ जांच भी कराई गई थी।


अंसारी के खिलाफ जब शिकायतें बढऩे लगी तो वर्तमान
आयुक्त आशीष सिंह ने उन्हें निलंबित कर दिया था। पिछले तीन माह से निलंबित चल रहे थे। 8 दिन पूर्व ही उन्हें बहाल किया गया था।