झारखंड के पहले सीएम रह चुके हैं बाबूलाल मरांडी, 13 साल पहले भाजपा से अलग होकर बनाई थी नई पार्टी

नई दिल्ली ।    झारखंड चुनाव परिणाम 2019 के शुरुआती रुझानों में झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी किंगमेकर बन सकते हैं। वह झारखंड के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर जाने जाते हैं। उन्होंने साल 2006 में भाजपा को छोड़कर झारखंड विकास मोर्चा की स्थापना की थी। उन्होंने साल 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड राज्य बनने के बाद एनडीए के नेतृत्व में राज्य की पहली सरकार बनाई थी। उन्हें झारखंड के प्रमुख आदिवासी नेताओं में गिना जाता है। 11 जनवरी, 1958 को झारखंड के गिरिडीह जिले के कोदाईबांक नामक गांव में जन्मे बाबूलाल मरांडी की शुरुआत से ही राजनीति में रूचि रही है। वह कॉलेज के दिनों में ही आरएसएस से जुड़ गए थे। इसके बाद उन्हें झारखंड के विश्व हिंदू परिषद का संगठन सचिव भी बनाया गया था।  साल 1991 में वह भाजपा के टिकट पर दुमका लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 1996 में वो फिर शिबू शोरेन से हार गए थे। हालांकि 1998 के चुनाव में उन्होंने शिबू शोरेन को संथाल से हराकर आखिरकार चुनाव जीता, जिसके बाद एनडीए की सरकार में बिहार के चार सांसदों को कैबिनेट में जगह दी गई। इनमें से एक बाबूलाल मरांडी भी थे। 2004 के लोकसभा चुनाव में बाबूलाल मरांडी इकलौते ऐसे शख्स थे, जो झारखंड में भाजपा की ओर से चुनाव जीते थे। हालांकि इसके दो साल बाद यानी 2006 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता से भी इस्तीफा देकर 'झारखंड विकास मोर्चा' नाम से नई राजनीतिक पार्टी बना ली। इसके बाद भाजपा के पांच विधायक भी अपनी पार्टी छोड़कर इसमें शामिल हो गए। फिर कोडरमा उपचुनाव में वे निर्विरोध चुन लिए गए। 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपनी पार्टी की ओर से कोडरमा सीट से चुनाव लड़कर बड़ी जीत हासिल की थी।