जिला सूचना कार्यालय,जनपद कानपुर नगर द्वारा प्रकाशित नागरिक संशोधन अधिनियम-2019 अंर्तगत लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस प्रशासन ने क्षेत्रीय लोगों के समकक्ष जाकर जानकारी दी

कानपुर। आज दिनांक 26/12/19 झाड़ी बाबा पड़ाव कैन्ट स्तिथ महोम्मदी मस्जिद के पास जिला सुचना कार्यालय, जनपद कानपुर नगर द्वारा प्रकाशित नागरिक संशोधन अधिनियम- 2019 (CAA) की मूलरुप से झाड़ी बाबा पड़ाव क्षेत्र में चौराहे पर लोगो को जागरूक करने के लिए क्षेत्रीय लोगों को एकतत्रित करके कैन्ट क्षेत्र के ऐ,सी एम 2:- अमित राठौर,क्षेत्राअधिकारी:- राम किशन चतुर्वेदी, इस अधिनियम संबंधित पर्चे बटवाये और इस संबंधित महात्वपूर्ण जानकारी देने का प्रयास किया जिससे वह इस कानून के बारे जागरूक हो सके और अपने से दूसरे लोगों को जागरूक कर सके और लोग इस अधिनियम समझने के लिए खुलकर ज्यादा संख्या मे इस अधिनियम को समझने के लिए अपने घरों व दुकानों से बाहर निकल कर आये पुलिस प्रशासन का इस अभियान में अपना योगदान दिया और पुलिस प्रशासन ने लोगों को इस अधिनियम के संबंधित जानकारी देते हुए लोगों से अपील की अपने क्षेत्र में शान्ति पू्र्वक स्थिति बनाये रहे और जिससे कानून व्यवस्था बनी रहे इस जागरूकता अभियान में थाना प्रभारी:-आदेश चंद्र, चौकी प्रभारी:- संजय कुमार मौर्या, सदभावना की पहल न्यूज के उप सम्पादक:-शाहिद अली, क्षेत्रीय लोगों में महोम्मदी मस्जिद के इमाम हाफिज लईक, रोमी चाचा,राजा भाईया(नन्नकई) आसाराम, साजिद भाई मो,मुशीर ,धीरेन्द्र मिश्रा,शब्बीर भाई,नफीस बर्फ वाले,रईस,आदि बहुत संख्या मे लोग उपस्थित हुए और बहूमूल्य योगदान दिया। इस अधिनियमो का उल्लेख इस तरह से है


 (CAA)
1= यह कानून सिर्फ नागरिकता देने के लिए है। किसी की नागरिकता छिनने के लिए नहीं है।
2= भारत के अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों का CAA से कोई अहित नहीं है।
3= CAA से देश के नागरिक की नागरिकता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
4= यह कानून किसी भी भारतीय  हिन्दू मुस्लिमान आदि को प्रभावित नहीं करेगा।
5= इस अधिनियम के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान,और बांग्लादेश, में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से आये हिन्दू, ईसाई,सिख,पारसी,जैन,को मानने वाले शरणार्थीयो को भारत की नागरिकता दी जायेगी, जो 31 दिसंबर 2014 से पूर्व ही भारत में रह रहे हो तथा जो केवल इन तीन देशों से धर्म के आधार पर प्रताड़ित किए गये हो।
6= अभी तक भारतीय नागरिकता लेने के लिए 11 साल भारत में रहना अनिवार्य था।
7= यह कानून केवल उन लोगों के लिए है जिन्होंने वर्षों से बाहर के उत्पीड़न का सामना किया और उनके पास भारत आने के अलावा और कोई जगह नहीं है