कनेरिया में हुआ बड़ा खुलासा, कहा- जिन्होंने मैच फिक्स किए उसका भी पाक टीम में किया गया स्वागत


पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने तीन दिन बाद कनेरिया मामले में दिए गए अपने बयान पर सफाई दी है तो वहीं, कनेरिया ने एक और सनसनीखेज खुलासा किया है।


 

अख्तर ने साफ किया है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। अख्तर के मुताबिक उन्होंने यह कभी नहीं कहा कि हिंदु होने के नाते पाकिस्तानी टीम में कनेरिया के साथ गलत व्यवहार होता था। आगे उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी टीम में कभी भी इस तरह की संस्कृति नहीं रही है और खासतौर पर धर्म के आधार पर कभी भी किसी खिलाड़ी के साथ भेदभाव नहीं किया गया।

कनेरिया ने एक वीडियो के जरिए एक सनसनीखेज खुलासा किया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट रूप से किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि ऐसे खिलाड़ी थे, जिन्होंने मैच फिक्स किए और 'देश को बेच दिया', लेकिन उनका वापस स्वागत किया गया। दानिस ने आगे कहा कि उन्होंने कभी अपने देश को पैसे के लिए नहीं बेचा है।

उन्होंने आगे कहा, 'लोग कह रहे हैं कि मैंने 10 साल तक पाकिस्तान के लिए खेला, लेकिन मैंने अपने खून की कीमत पर 10 साल तक खेला। मैंने क्रिकेट पिच को खून दिया। मैंने तब भी गेंदबाजी की जब मेरी अंगुलियां फूल गईं। ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपना देश बेच दिया है और जिनका अभी भी टीम में स्वागत है। मैंने कभी अपने देश को पैसों के लिए नहीं बेचा।'




दरअसल, गुरूवार को पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने गुरुवार को टीम के पूर्व स्पिनर दानिश कनेरिया को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया था, जिसके बाद कनेरिया ने भी अपना पक्ष रखा। अख्तर ने एक टीवी शो 'गेम ऑन है' में कहा था कि दानिश हिंदू था, इसलिए उसके साथ नाइंसाफी हुई। 

अख्तर के इस बयान के बाद कनेरिया ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था, 'अख्तर ने सच कहा। मैं उन खिलाड़ियों का नाम बताऊंगा जो मुझसे बात करना पसंद नहीं करते थे क्योंकि मैं एक हिंदू था। उस पर बोलने की हिम्मत नहीं थी, लेकिन अब मैं खुलासा करूंगा।'

इसके बाद कनेरिया ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और देश के क्रिकेट प्रशासकों से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन अच्छा नहीं चल रहा है इसलिए उन्हें मदद की जरूरत है। वहीं, शुक्रवार को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने शोएब अख्तर के बयान से किनारा करते हुए कहा था कि वह वह इस आरोप के लिए जवाबदेह नहीं है।

इसके बाद शनिवार को पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम ने कहा, 'कनेरिया सबसे ज्यादा मेरी कप्तानी में खेले और मुझे अपनी टीम में कभी ऐसा व्यवहार देखने को नहीं मिला। मैंने कभी यह नहीं महसूस किया कि किसी खिलाड़ी के उसके गैर-मुस्लिम होने के कारण गलत व्यवहार किया गया हो।'




इंजमाम बोले- गांगुली का भेजा खाना खाया है मैंने, कनेरिया के आरोप बेकार



पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने दानिश कनेरिया के विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि जब दानिश कनेरिया उनकी कप्तानी में खेले थे तो इस तरह की बातें उनके सामने कभी नहीं आई थीं।  

पूर्व कप्तान ने कहा कि कनेरिया ने जिस कप्तान के अंडर में सबसे अधिक समय क्रिकेट खेला है वो मैं हूं, लेकिन मुझे कभी नहीं लगा कि हमारी टीम में इस तरह माहौल है। इंजमाम ने कहा कि मेरे रहते टीम का माहौल ऐसा कभी नहीं रहा कि कोई खिलाड़ी दूसरे खिलाड़ी से इसलिए भेदभाव करता है क्योंकि वह गैर मुस्लिम है। मुझे हमारी टीम में इस तरह का एक भी उदाहरण याद नहीं है। उन्होंने पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद युसूफ का भी नाम लिया जिन्होंने अपना धर्म परिवर्तन कराया था।

15 साल पुराने एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 2005 के भारत दौरे से पहले मैं कोलकाता में शूटिंग के लिए गया था। वहां मैंने और सचिन तेंदुलकर ने टीम इंडिया के कप्तान सौरव गांगुली द्वारा खोले गए एक रेस्टोरेंट का उद्घाटन किया था। यहां तक कि सौरव मुझे अपने रेस्टोरेंट से खाना भी भेजते थे और मैं उसे खाता था।