मुलायम सिंह के हत्यारी पुलिस को योगी सरकार कब भेजेगी जेल 

हत्यारे कोतवाल को सत्ता पक्ष का बचा रहा है कौन नेता 


6 महीने पूर्व शुरू हुयी मजिस्ट्रेटी जॉच नही हो सकी पूरी 


कौषाम्बी। 6 महीने पूर्व कोतवाली के भीतर मुलायम सिंह की हत्या कर दी गयी थी और जब मुलायम सिंह की हत्या पर ग्रामीणो ने बवाल किया तो तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के निर्देष पर अधिकार मांग रहे निर्दोष ग्रामीणो पर गोली चलवा दी गयी जिससे ग्रामीण जान बचाकर भागने पर विवष हो गये।


 ग्रामीणो के आक्रोष को देखकर मजिस्ट्रेटी जॉच शुरू करा दी गयी। घटना को धीरे धीरे छः महीने से अधिक बीत चुके है लेकिन कोतवाली के हवालात में मुलायम सिंह की हत्या करने वाली खाकी चिन्हित नही हो सकी है। जिससे मुलायम सिंह के परिजन परेषान है। मामला मंझनपुर कोतवाली है। 


 घटनाक्रम के मुताबिक मंझनपुर कोतवाली के बहादुरपुर गांव निवासी मुलायम सिंह पुत्र बोधन एक लडकी से प्यार करता था और उसने उसी लडकी से शादी कर ली थी।


 अभिलेखो के अनुसार बालिका और मुलायम दोनो बालिग थे। फिर भी बालिका के परिजनो ने मंझनपुर कोतवाली में बालिका के अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया पुलिस के भय के चलते प्रेमी युगल गैर प्रान्त चले गये और वही जीवन यापन करने लगें।


 कोतवाली पुलिस ने दबाव बनाया और मुलायम सिंह के परिजनो को हवालात में कैद कर लिया। इसी मामले में मंझनपुर कोतवाल उदयवीर सिंह ने बालिका और मुलायम सिंह को कोतवाली बुलाया।


 प्रेमी युगल मंझनपुर कोतवाली 3 जून को पहुचे बालिका को परिजनो को सौप दिया गया और मुलायम सिंह को हवालात में डाल दिया गया। आधी रात को मुलायम सिंह को मंझनपुर कोतवाली में मौत दे दी गयी और लाष को बहादुरपुर गांव के बाहर पेड पर टांग दिया 


इस मामले में 14 जून को अपर जिलाधिकारी को मजिस्ट्रेटी जॉच सौपी गयी। लेकिन छः महीने बीत जाने के बाद भी मजिस्ट्रेटी जॉच नही पूरी हो सकी है। हत्या का आरोप लगने के बाद मंझनपुर कोतवाल उदयवीर सिंह को तत्कालीन पुलिस कप्तान ने बचा लिया दागी कोतवाल से कोतवाली का चार्ज भी नही छीना जा सका। 


 योगीराज में अब यह सवाल उठने लगा है कि कोतवाली के भीतर निर्दोष मुलायम सिंह को किसने मौत के घाट उतारा है और मौत के घाट उतारने वालो के अब तक गिरफ्तार कर जेल भेजने में क्यों लापरवाही बरती जा रही है आखिर छः महीने बीत जाने के बाद मुलायम सिंह की हत्या की मजिस्ट्रेटी जॉच क्यों अधूरी रह गयी है।


 हत्यारो को बचाने के लिए अधिकारियो पर सत्ता पक्ष के किस नेता का दबाव है इसे लेकर भी लोगो के बीच गुपचुप चर्चायें हो रही है आखिर सपा बसपा राज में कोतवाली में हत्या के मामले में हल्ला मचाने वाली भाजपा सरकार हवालात में मौत के मामले में चुप क्यों है यह योगी सरकार पर बडा सवाल है और जनता योगी सरकार से इसका जवाब चाहती है। 


हत्यारे कोतवाल को बचाने का हुआ था सौदा 
कौषाम्बी। मंझनपुर कोतवाली में जिस समय मुलायम सिंह की हत्या की गयी थी। उस समय मुलायम सिंह की हत्या का सीधा आरोप कोतवाल पर था लेकिन कोतवाल को बचाने का उसी समय पुलिस अधिकारियो ने ठेका ले लिया था और सूत्रो की माने तो लाल नोट की गडडी अधिकारियो तक चढाई गयी थी। यदि इस मामले में जॉच हुयी तो कोतवाल के गुनाहो का पर्दा फाष होगा। 


पीएम रिर्पोट ने की हत्या की पुष्टि 
कौषाम्बी। मुलायम सिंह की मंझनपुर कोतवाली में हत्या के मामले में उनके परिजनो ने पुलिस पर धन वसूली कर हत्या करने का आरोप लगाया था लेकिन बचाव पक्ष में पुलिस का बार बार कहना है कि मुलायम सिंह ने आत्म हत्या कर लिया है। जबकि पुलिस का यह बयान पूरी तरह से हास्याप्रद था। पुलिस के इस बयान को पीएम रिर्पोट ने खारिज कर दिया है और हत्या की मोहर लगा दी है।