नागरिकता कानून के विरोध के बीच विधानसभा चुनावों के लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू


दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध चल रहा है। ये कब तक चलेगा पता नहीं। साथ में दिल्ली विधानसभा चुनाव भी होंगे। ऐसे में दिल्ली पुलिस को हर परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। ये कहना है कि दिल्ली चुनाव कार्यालय का। दिल्ली पुलिस को निष्पक्ष और बिना भेदभाव के चुनाव कराने होंगे।


दिल्ली चुनाव कार्यालय ने दिल्ली विधानसभा के चुनावों को अभी से ही दिल्ली पुलिस को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ दिल्ली विधानसभा चुनावों की सुगबुहाट के साथ ही दिल्ली पुलिस में भी ट्रांसफर व पोस्टिंग शुरू हो गई हैं। 


दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कश्मीरी गेट स्थित दिल्ली चुनाव कार्यालय ने दिल्ली पुलिस को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है। ट्रेनिंग 26 दिसंबर से शुरू हो गई है और 30 दिसंबर तक चलेगी। दिल्ली चुनाव कार्यालय के ट्रेनिंग के पहले दिन दिल्ली पुलिस के कुछ डीसीपी, एसीपी व थानाध्यक्ष, तीनों निगमों के प्रमुख, परिवहन आयुक्त समेत अन्य काफी अधिकारी मौजूद थे। 


ट्रेनिंग में पुलिसकर्मियों को बताया जा रहा है कि वह दिल्ली विधानसभा चुनावों की अभी से तैयारी करना शुरू कर दें। ट्रेनिंग में ये बताया जा रहा है कि निष्पक्ष चुनाव कराने और आचार संहिता का पालन कैसे करवाना है। सभी पुलिसकर्मियों को आचार संहिता के नियमों की एक पुस्तक भी दी गई है। दिल्ली चुनाव कार्यालय ने कहा है कि दिल्ली पुलिस के हर थाने में रिजर्व पुलिस रखी जाए, ताकि किसी तरह की घटना होने पर तुरंत मौके पर पुलिस बल पहुंच जाए। 


दूसरी तरफ दिल्ली विधानसभा चुनावों की सुगबुहाट को देखते हुए दिल्ली पुलिस में ट्रांसफर होने शुरू हो गए हैं। ऐसा कोई पुलिसकर्मी जिस विधानसभा में रहता है और उस विधानसभा के थाने में उसकी तैनाती है तो उसका ट्रांसफर दूसरी जगह किया जा रहा है। दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी देवेन्द्र आर्या ने बताया कि उन्होंने अपने जिले में इस तरह के सभी ट्रांसफर कर दिए हैं। अगर कोई पुलिसकर्मी ऐसा बचा है तो उसकी जांच की जा रही है।