नहरो में पानी न आने से हजारो एकड सूख रही फसल

अधिकारियो के बीच खिची तलवार के चलते किसान परेशान है और उसकी फसल बर्बाद हो रही है
 
सत्ता पक्ष के सासंद विधायक के साथ-साथ विपक्षी दल के पूर्व सासंद, पूर्व विधायक,पूर्व कबीना मंत्री, और एमएलसी राज्य सभा सदस्यो ने भी चुप्पी साध ली है


कौशाम्बी। बीते कई कर्षो से फसलो की सिचाई के समय नहरो में पानी गायब हो जाता है। बीते वर्षो की तरह इस वर्ष भी फसलो की सिचाई के समय नहरो में पानी नही छोड़ा गया है जिससे किसान परेशान है।


 अब विभागीय अधिकारी नहरो में पानी न पहुचने के पीछे तरह-तरह के बहाने कर एक दूसरे विभाग के अधिकारियो पर दोषारोपण कर रहे है इन अधिकारियो के बीच खिची तलवार के चलते किसान परेशान है और उसकी फसल बर्बाद हो रही है। किसानो की इस मूल समस्या के प्रति सत्ता पक्ष के सासंद विधायक के साथ- साथ विपक्षी दल के पूर्व सासंद पूर्व विधायक, पूर्व कबीना मंत्री, और एमएलसी राज्य सभा सदस्यो ने भी चुप्पी साध ली है।


 सड़को पर रोज किसानो के शुभ चिंतक होने के नाम पर कुर्ता पैजामा टाइट करने वाले छुटभइया नेता भी किसानो की इस मूल समस्या पर बिल में घुस गये है और इन नेताओ के मुॅह में दही जम गया है। जिससे किसानो की मुसीबते कम होने का नाम नही ले रही है। कौशाम्बी विकास खण्ड के बेरौचा माइनर से सौ गांव के किसानो के खेतो में फसलो की सिचाई होती है


 लेकिन बेरौचा माइनर की नहर में अभी तक पानी नही आ सका है गेहॅू की फसल की बुआई के 20-30 दिन में पहली सिचाई की जरूरत किसानो को होती है लेकिन डेढ़ महीने पूर्व बोयी गयी गेहॅू की फसल को भी नहरो से पानी नही मिल रहा है जिससे किसान परेशान और चिंतित है। विभागीय अधिकारियो से लेकर जिला प्रशासन और सांसद विधायक तक सैकड़ो किसानो ने फरियाद कर नहरो में पानी छोडे जाने की मांग की है लेकिन किसानो की इस मूल समस्या के समाधान के प्रति अधिकारी से लेकर जनप्रतिनीधि गम्भीर नही है।