पहाड़ों पर बर्फबारी, सर्द हवाओं और घने कोहरे से उत्तर भारत बर्फीली ठंड से लोग परेसान

 दिल्ली में पारा दो डिग्री, यूपी में 57 मौतें, छह राज्यों में रेड अलर्ट जारी


दिल्ली में रेड अलर्ट, राजधानी में पारा 2.0, कानपुर में 2.0, शिमला में चार और द्रास में -28.6 डिग्री
दिल्ली में चार उड़ानों के मार्ग बदले गए, 24 ट्रेनों के मार्ग बदले, शिमला से ज्यादा सर्द दिल्ली
सांसों पर भी संकट: दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 413, लखनऊ में 338 रहा


नई दिल्ली ।     पहाड़ों पर बर्फबारी, सर्द हवाओं और घने कोहरे के कारण देश की राजधानी दिल्ली समेत समूचा उत्तर भारत बर्फीली ठंड से जम गया है। शनिवार को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश से लेकर केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की द्रास घाटी और जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर तक जबरदस्त शीत लहर से जनजीवन थम सा गया। पारा रोजाना नए रिकॉर्ड बना रहा है। दिल्ली के सराय काले खान इलाके में सुबह तापमान गिरकर 2.0 डिग्री तक चला गया। दिसंबर में इस सीजन का यह न्यूनतम तापमान है। सर्दी के बदतर हालात को देख मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, यूपी के कानपुर में यह दो डिग्री और लद्दाख के कारगिल जिले के द्रास में पारा -28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 1.2 डिग्री तक पहुंचा। राजस्थान के शेखावटी में न्यूनतम तापमान -4 डिग्री रहा। ठंड को देखते हुए छह राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इनमें जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में सर्दी की वजह से झरना जम गया। शिमला में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री रहा, जो दिल्ली के औसत 2.4 डिग्री से काफी ज्यादा है। पहाड़ों में हो रही भारी बर्फबारी के चलते तापमान में भारी गिरावट आई है। घने कोहरे और तकरीबन शून्य दृश्यता के चलते दिल्ली आने-जाने वाली कम से कम चार उड़ानों के मार्ग बदले गए हैं। कोहरे की वजह से दिल्ली आने-जाने वाली 24 ट्रेनों के मार्ग बदले गए। दिसंबर से अब तक 8 सर्द दिवस और 7 गंभीर सर्द दिवस रिकॉर्ड हो चुके हैं। भीषण ठंड के बीच वायु प्रदूषण ने भी हाला बदतर कर दिया है। दिल्ली, यूपी समेत कई शहरों में वायु प्रदूषण की स्थिति बदतर रही। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 413 रहा । जिसके चलते सांसों पर संकट बढ़ा है। कानपुर में में यह 291 और लखनऊ में 338 के खतरनाक स्तर पर रहा।