पूर्व के एक  इंचार्ज के कार्यकाल में कांप उठती थी पशु तस्करों की रूह

कौशाम्बी।  यदि यह कहा जाए कि कोखराज थाना के टेढ़ी मोड़ चौकी क्षेत्र इधर कुछ दिनों से चौकी का निजाम बदलने के बाद पशु तस्करों की मास्टरमाइंड का गढ़ बन गया है तो यह गलत इसलिए नहीं होगा क्योंकि इस क्षेत्र से प्रत्येक दिन बेजुबान  मवेशियों से लदे वाहन पास होते हैं । इस खेल की पूरी रणनीति चौकी क्षेत्र में ही संचालित एक ढाबा में तय होती है इस खेल में चौकी पुलिस की अहम भूमिका भी होती है। इलाकाई लोगों की बातों पर यदि गौर करें तो कहा जा रहा है कि कभी एक दौर था जब पशु तस्करों से लेकर संगठित अपराध करने वाले माफियाओं की अपराध करने से पहले रूह कांप उठती थी लेकिन आज इस क्षेत्र में संगठित अपराध तो छोटी चीज है पशु तस्करों की बाढ़ सी आ गई है । सूत्रों की बातों पर यकीन करें तो कहा जा रहा है कि कोखराज थाना क्षेत्र के नदबई गांव जो अरसे से पशु तस्करी के मामले में बदनाम हुआ करता था हालांकि 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद जैसे ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर योगी आदित्यनाथ बैठे तो सबसे पहले सोटा कत्ल कारखानों पर चला और पशु तस्करों मतलब बेजुबान के ऊपर हो रहे अत्याचार पर रोक लगी। लेकिन टेढ़ी मोड़ चौकी क्षेत्र के लोगों की बातों पर यकीन करें तो कहा जा रहा है कि इधर टेढ़ी मोड़ चौकी का निजाम जब से बदला बेईमानों के ऊपर कहर टूट पड़ा। हर दिन इस क्षेत्र से बेजुबानो से लदे वाहन पास होते हैं और इस पूरे खेल की रणनीति इसी क्षेत्र में संचालित एक ढाबे में तय होती है यदि यह कहा जाए कि यह ढाबा भोजन आदि विक्रय के लिए नहीं बना बल्कि इस अवैध खेल का केंद्र है  तो गलत नहीं होगा। हालांकि इलाकाई लोगों ने तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक अभिनंदन जी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए इस क्षेत्र में हो रहे बेजुबान की तस्करी की जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही कराए जाने की मांग की है ।