प्रशांत किशोर ने कहा : बिहार चुनाव 2020 में जदयू को भाजपा से ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहिए


साल 2020 शुरू होने में बस कुछ समय ही बचा है और आने वाले साल में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों को लेकर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। जनता दल यूनाईटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर उर्फ पीके ने कहा है कि साल 2020 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू को भाजपा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। पीके ने इसके पीछे राज्य में एनडीए में जदयू की वरिष्ठता का हवाला देते हुए यह बात कही है। 
 

हाल ही में आए नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर पीके लगातार भाजपा को निशाने पर लेते रहे हैं। पीके ने कहा, मेरे अनुसार लोकसभा चुनाव का फार्मूला विधानसभा चुनाव में दोहराया नहीं जा सकता है। बता दें कि इस साल हुए लोकसभा चुनाव में दोनों दलों ने बराबर सीटों पर चुनाव लड़ा था। 

प्रशांत किशोर ने कहा, 'अगर हम 2010 के विधानसभा चुनाव को देखें जिसमें जदयू और भाजपा ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था तो यह अनुपात 1:1.4 था। अगर इसमें इस बार मामूली बदलाव भी हो, तो भी यह नहीं हो सकता कि दोनों दल समान सीटों पर चुनाव लड़ें। जदयू अपेक्षाकृत बड़ी पार्टी है जिसके करीब 70 विधायक हैं जबकि भाजपा के पास करीब 50 विधायक हैं। इसके अलावा, विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार को राजग का चेहरा बनाकर लड़ा जाना है।'


दिल्ली विधानसभा चुनाव में 'आप' के सारथी बनेंगे पीके



दूसरी ओर इस बात का एलान पहले ही हो चुका है कि आने वाले साल में होने वाले दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी का चुनाव मैनेजमेंट भी पीके की कंपनी करेगी। खुद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बात की जानकारी दी थी। आईपैक यानी इंडियन पॉलिटिकल ऐक्शन कमिटी प्रशांत किशोर की संस्था है, जो चुनाव प्रबंधन का काम करती है। आईपैक ने भी खुद ट्वीट कर यह कहा था कि वह केजरीवाल के लिए काम करेंगे।




नरेंद्र मोदी के लिए 2014 के चुनाव में कर चुके हैं चुनाव मैनेजमेंट



बता दें कि इस 2020 का दिल्ली विधानसभा चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं है। फरवरी में केजरीवाल सरकार के पांच साल पूरे हो जाएंगे और माना जा रहा है कि फरवरी में ही चुनाव भी हो सकते हैं। ऐसे में प्रशांत किशोर जैसे राजनीतिक मैनेजर का केजरीवाल के साथ आना आप के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है।

बता दें कि नरेंद्र मोदी के 2014 लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान और जीत के पीछे प्रशांत किशोर बड़े हीरो के रूप में उभरे थे। 2014 की भाजपा की जीत का श्रेय प्रशांत किशोर के कैंपेन को ही दिया जाता है। इसके साथ ही प्रशांत ने बिहार में महागठबंधन, तेलंगाना में टीआरएस के लिए और हाल ही में हुए महाराष्ट्र चुनाव में उद्धव ठाकरे के लिए भी चुनाव मैनेजमेंट किया था।

उनके कुछ अनुभव भले ही अच्छे न रहे हों लेकिन ज्यादातर प्रशांत किशोर ने जो भी काम किया है उसमें सफलता ही हासिल की है। यही उम्मीद केजरीवाल भी उनसे 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कर रहे होंगे। हालांकि ये आने वाला वक्त ही बताएगा कि आगे क्या होगा।