ससुराल आये युवक की हत्या

घटनास्थल से लाश उठाकर हत्यारो ने सडक किनारे फेकी लाश चरवा थाना क्षेत्र का मामला


कौशाम्बी। कोखराज थाना क्षेत्र के बडागांव निवासी एक युवक की धारदार हथियार से ईट भठठे में हत्या करने के बाद हत्यारो ने लाश को भठठा जाने वाली सडक पर फेक दिया है।


 पहले तो यह क्षेत्र दो थाना पूरामुफ्ती और चरवा विवाद में फसा था फिर चरवा पुलिस ने अपने थाना क्षेत्र में लाश मिलने की बात स्वीकार कर लाश को पीएम के लिए भेज दिया है। युवक की हत्या का आरोप उसके ससुर साले और अन्य सार्थियो पर है। भठठे में की गयी युवक की हत्या को पुलिस अब दुर्घटना का रूप देकर हत्यारो को बचाने का ठेका ले चुकी है। पुलिस अब हत्यारो की पक्ष की बातो का बयानबाजी करने लगी है।


 जबकि युवक की हत्या भठठे पर हुयी है और यह जॉच का विषय है युवक की हत्या के मामले में आलाधिकारियो ने सूक्ष्म जॉच करायी तो दुर्घटना का रूप देने में लगे चरवा थानेदार पर महकमे की गाज गिरना तय है। 


 जानकारी के मुताबिक कोखराज थाना क्षेत्र के बडागांव निवासी रामसुचित पुत्र बुधराम उम्र 34 वर्ष दो दिन पहले घर से निकला था 


और शुक्रवार को उसकी लाश चरवा थाना क्षेत्र के काजीपुर सैयद सरावा के बीच ईट भठठे को जाने वाली सड़क किनारे पडी मिली है युवक के शरीर में धारदार हथियार से गम्भीर चोट के निशान थे ग्रामीणो ने जब मामले की सूचना चरवा पुलिस को दी तो चरवा पुलिस सीमा विवाद बताकर पल्ला झाडती रही 


फिर मामले की सूचना आलाधिकारियो को मिली जिस पर मौके पर पूरामुफ्ती पुलिस पहुची लेकिन सीमा विवाद चरवा का निकला फिर चरवा पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है। अब थानेदार चरवा इस हत्याकांड मे खुलेआम पार्टी बन्दी कर पुलिस आलाधिकारियो को गुमराह कर दुर्घटना करार देने पर तुले है


 जबकि युवक की योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गयी है यदि चरवा एसओ की बातो पर तर्क करे तो उनका कहना है कि मृतक के ससुर साले ईट भठठे का ट्रैक्टर लेकर ईटा उतारने जाते है और युवक ट्रैक्टर से गिर गया है 


तो वह घटनास्थल कौन सा था फिर ट्रैक्टर के ईटे इस ठंड में दोपहर बाद लेकर जाते है तो फिर गुरूवार के दिन यदि दुर्घटना हुयी तो फिर शुक्रवार की सुबह तक सडक किनारे लाश कैसे पडी रही चरवा पुलिस की बातो को मान भी ले साथ में रहे ससुर साले ने गुरूवार को दुर्घटना की सूचना पुलिस को देने के बजाय लाश को सडक किनारे क्यों फेका अपने दमाद को किसी चिकित्सक के पास ले जाने की कोशीश क्यो नही की यह तमाम सवाल चरवा थानेदार को हत्यारो से लिप्त होने की गवाही दे रहे है और यदि इस मामले में आलाधिकारियो ने जॉच करायी तो चरवा थानेदार पर गाज गिरना और हत्यारो का जेल जाना तय है।