श्रोताओ ने सुना मंथरा व राजा दशरथ की मन को छू जाने वाली कथा

श्रीमद् भागवत बाल्मीकि रामायण कथा का चौथा दिन



बलिया। रामलीला मैदान में द वैदिक प्रभात फाउण्डेशन के और से आयोजित श्रीमद्भागवत बाल्मीकि रामायण प्रवचन के चौथे दिन जगतगुरु विद्याभष्कर जी महाराज ने कैकेयी, मंथरा और राजा दशरथ की मन को छू जाने वाली कथा सुनायी। और गाय के विशेषता भी बताए। हरिनाम नही तो जीना क्या..... भजन पर श्रोता खूब झूमे।


 विद्याभास्कर जी ने बताया प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह के 12 वर्ष बाद राजा दशरथ ने दरबार मे जब राजाओ को बताया की मैं राम को राजा बनाना बनाना चाहता हूँ। तब सभी राजा खुश हुए सभी अपनी सहमति दी। इस पर वे बहुत प्रसन्न हुए। लेकिन उन्होंने कहा मैंने धर्म पूर्वक राज किया। समस्याओ का समाधान किया लेकिन आपने एक बार भी ये नही कहा आप ऐसा क्यों कर रहे है। ऐसा लग रहा आप लोग हमें झेल रहे थे। इस पर राजाओ ने कहा राम में दिव्य दिव्य दुर्लभ गुण है। सारे लोको के नाथ भूमंडल पर स्थापित करने के लिए ये पृथ्वी भी प्रार्थना कर रही है। कथा कहते हुए वासुदेवाचार्य ने कहा जब राजा दशरथ राम से मिले तो उन्होंने राम से कहा कल अद्भिषेक होगा वशिष्ट को बताने को कहा। जब तक भरत ननिहाल में है तब तक तुम अपना अभिषेक करा लो। राम ने सोचा पिता जी चालबाजी से अभिषेक कराना चाहते है। भरत को पिता जी समझ नही पा रहे है। राम गंभीर हो गए और मन मे सोचा पिता क्या दुनिया जान जाएगी कि भरत क्या है। तब उन्होंने सरस्वती को आदेश दिया। उस समय मंथरा छत पर थी। सरस्वती जी मंथरा के जिह्वा पर आ गयी। मंथरा दौड़ती हुई कैकई के पास आयी और कही तू सो रही है तेरा भाग्य सो रही है। कल राम को युवराज बनाया जाएगा। उत्साह में कैकयी ने मंथरा को अपने हाथ से कंगन निकाल कर दिया। लेकिन मंथरा ने उसे फेक दिया। और समझती है जब राम राजा होंगे तब कौशलया राजमाता होगी और तुमसे अपने एक एक हिसाब लेगी। तब तुमको पता चलेगा। उसने कैकई को  राजा दशरथ द्वारा दिए गए दो वचन को याद दिलाया और कोप भवन में जाकर गंदे मेल कपड़े पहनने को कहा। कहा कि जब दशरथ तुम्हे मनाने जाय तब एक बचन से भरत को राज दूसरे से राम को वनवास मागे। उसने ऐसा ही किया।


बाल्मीकि रामायण में छाया रहा नागरिकता संशोधन कानून
शहर के रामलीला मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत बाल्मीकि रामायण के चौथे दिन गुरुवार को नागरिकता संशोधन बिल छाया रहा। महर्षि बाल्मीकि और राम की एक कथा कहते हुए जगतगुरु विद्याभाष्कर जी महाराज ने कहा दुष्टों की यह आदत है वे जब उचाई पर नही पहुँच पाते तो तरह तरह से उसकी बुराई करते है। 


नागरिकता  संशोधन बिल देश के बुद्धजीवियों के अच्छा है। इससे  विरोधी बेरोजगारी के शिकार हो गए है और वे देश के मुसलमानों को गुमराह कर रहे है।