याकूब मेमन की फांसी का विरोध करने वाले कांग्रेसी विधायक को उद्धव ठाकरे की सरकार में मिला मंत्री पद


महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार को हुआ। जिसमें एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके अलावा मंत्रिमंडल मुख्यमंंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे समेत शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस से 36 नए विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। ठाकरे सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कांग्रेस से मंत्री पद की शपथ लेने वाले 36 चेहरों में शामिल एक मुस्लिम चेहरा असलम शेख चर्चाओं में हैं। उद्धव ठाकरे की कैबिनेट में मंत्री बनाए जाने पर शिवसेना गठबंधन सरकार को लोगों की खूब आलोचनाएं मिल रही हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी और मंत्री बने असलम शेख को भी विरोधियों की आलोचनाएं झेलनी पड़ रही हैं।


कांग्रेस विधायक ने याकूब मेमन की फांसी का किया था विरोध, राष्ट्रपति से की थी दया याचिका की मांग


कांग्रेस विधायक असलम शेख ने भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन के लिए दया की अपील की थी। याकूब मेमन को 1993 के मुंबई बम धमाकों के लिए फांसी की सजा दी गई थी। 



कौन हैं असलम शेख


असलम शेख महाराष्ट्र की राजनीति में जाने पहचाने मुस्लिम चेहरे माने जाते हैं। ठाकरे सरकार में कांग्रेस कोटे से मुस्लिम मंत्री बनाए गए हैं। मुंबई के मलाड इलाके से वह इस बार विधायक चुने गए। कांग्रेस से वह लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं। कांग्रेस से महाराष्ट्र में कुल 44 विधायक चुने गए हैं, जिनमें से तीन मुस्लिम विधायक बने हैं।

गौरतलब है कि 28 जुलाई 2015 को असलम शेख ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन को दया देने पर विचार करने के लिए प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखा था। उस दौरान कांग्रेस पार्टी और खुद असलम शेख को कड़े राजनीतिक विरोध का सामना भी करना पड़ा।