3लाख की कमीशन न देने पर  ठेकेदार की जमानत राशी जप्त भुगतान रोकने का आरोप

लखनऊ 20 जनवरी शक्ति भवन मे देवराज के दरबार मे अपना दर्द सुनाने वाराणसी के एक दिव्याग ठेकेदार को शक्ति भवन मे धूमते देखा तो एक बार पुनः पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के जानपद (सिविल) खुलेआम कमीशन की जबरन उगाही का मामला सुर्खियों मे है यही की कार्यदायी कम्पनी मे० चौधरी कंस्ट्रक्शन के मालिक चौधरी जोगेन्द्र सिंह ने विभाग के प्रबन्ध निदेशक को *शपथ पत्र* पर लिखित रूप से एक आरोप पत्र  जानपद (सिविल) के अधिशासी अभियन्ता वेद प्रकाश कौशल द्वारा अवैध रूप से दबाव बनाकर मुझसे 3 लाख रुपये कमीशन के तौर पर उगाही करने का दबाव बना रहे है वैसे इन दिनो आरोप लगाने वाले फर्म का मालिक किसी दुर्घटना चलने फिरने मे असमर्थ है।
बढ़ता हुआ भृष्टाचार
और इसी पीड़ा मे विभाग द्वारा कमीशन की मोटी रकम के दबाव ने उसे विभाग के विरुद्ध मोर्चा खोलकर अपने हक की लड़ाई को मजबूर कर दिया है वैसे जानपद (सिविल) की यह पहली घटना नही है विगत वर्ष विभाग की एक और कार्यदायी कम्पनी के मालिक से 1लाख 88 हजार की रकम कमीशन के तौर पर जबरन वसूली का मामला विभाग के भ्रष्टाचारियों की फाइल मे विचाराधीन हो कर धूल फांक रहा है और सिविल डिवीजन द्वारा जबरन उस कम्पनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है पर अब देखना है कि दिव्याग चौधरी जोगेन्द्र सिंह को बालाजी के राज्या मे न्याय मिलता है या भ्रष्टाचारियों की यातना सहते हुए और लखनऊ के शक्ति भवन में देवो के देव एम देवराज के दरबार मे जाकर ही मिलेगा । वैसे पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम मे प्रबंध निदेशक के बालाजी के भी राज में भ्रष्टाचारी अपनी पूरी ताकत से पूर्व की ही तरह हावी है यहाँ तो एक अधिकारी ऐसे है जो पूर्व में यहाँ भ्रष्टाचार की जाँच के लिए ही आये थे परन्तु वापस लखनऊ आ कर जुगाड़ डाट काम के जरिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम मे आकर उन्ही भ्रष्टाचारियों के गिरोह के सरगना बन कर भ्रष्टाचारियों की जमात में शामिल हो गये । जिन कन्धों पर भ्रष्टाचार रोकने की जिम्मेदारी हो और वही भ्रष्टाचारियों की जमात के सरगना बन कर राज कर रहे हो तो आप समझ सकते है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम मे भ्रष्टाचार किस हद तक होगा ।