दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे अमेरिका समेत 15 देशों के राजनयिकों ने यात्रा के दूसरे दिन जम्मू में राज्य प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात कर जानकारी लेंगे

अनुच्छेद 370 हटाने के बाद दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे अमेरिका समेत 15 देशों के राजनयिकों ने यात्रा के दूसरे दिन यानी कि आज जम्मू में राज्य प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान कई मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं ये प्रतिनिधिमंडल कश्मीरी पंडितों से भी मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल दोपहर बाद नगरोटा क्षेत्र में जगती स्थित कश्मीरी पंडितों की कॉलोनी जाएगा। यहां एक महिला समेत दो कश्मीरी पंडित हालात की जानकारी देंगे। सरकार ने यहां विस्थापित पंडितों के लिए 4218 फ्लैट बनाए हैं। यह विस्थापित कश्मीरी पंडितों की सबसे बड़ी कॉलोनी है। दौरे के बाद शाम को राजनयिकों का दल दिल्ली लौट जाएगा।
 

उनमुक्त माहौल में हुआ संवाद : बुखारी
पूर्व मंत्री अल्ताफ  बुखारी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मिलकर विदेशी राजनयिकों को अनुच्छेद 370 के रद्द होने के बाद के हालात और संभावित दिशा के बारे में जानकारी दी। बुखारी ने बैठक के बाद बताया कि यह स्वतंत्र और उन्मुक्त माहौल में विचारों का आदान-प्रदान था। प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न दलों के नेता थे। बुखारी ने कहा ‘आप यह कह सकते हैं कि यह उन नेताओं की बैठक थी जिनकी जम्मू कश्मीर के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में रुचि है।’

वहीं पहले दिन की यात्रा के दौरान पीडीपी ने कहा कि विभिन्न देशों के राजदूतों का जम्मू-कश्मीर दौरा कश्मीर में सरकार द्वारा किए गए बंद को सामान्य दिखाने का प्रयास है। पार्टी ने केंद्र को चुनौती दी कि वह राजदूतों को हिरासत में रखे गए राजनीतिक नेताओं से मुलाकात करने की इजाजत दे।


नेशनल कांफ्रेंस ने दौरे को बताया योजनाबद्ध



पीडीपी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा कि प्रधानमंत्री कार्यालय राजदूतों के दूसरे जत्थे को कश्मीर में असली हालात दिखाने नहीं लाया गया है। जेलों में राजनीतिक नेता बंद किए गए हैं। यह दौरा कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के दुष्प्रचार को गलत साबित करने की सरकार के कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा है। राजदूतों से पीडीपी के नेता सैयद अल्ताफ बुखारी समेत कुछ अन्य नेताओं से मुलाकात की। सरकार ने उन लोगों को जेल में डाला जिन्होंने लोकतंत्र के लिए काम किया। सरकार को समझना चाहिए कि जो वास्तव में कश्मीर की मिट्टी से प्रेम करते हैं वह बिकाऊ नहीं हैं।

नेशनल कांफ्रेंस ने कहा है कि सरकार जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के अपने दावे पर मुहर लगवाने वाले के लिए जिस तरह से विभिन्न देशों के राजनायिकों को यहां लायी है उससे निराशा हुई है। यह दौरा योजनाबद्ध है, उनसे चुनिंदा लोगों से मिलवाया गया जो सरकार के रुख के अनुरूप बोलते हैं। जम्मू-कश्मीर में अगर हालात सामान्य है तो तीन पूर्व मुख्यमंत्री सहित सैकड़ों लोग 160 दिनों से नजरबंद क्यों रखे गए हैं।

कांग्रेस को मुलाकात का न्यौता नहीं
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा ने कहा कि राजदूतों से मिलने के लिए कांग्रेस को कोई न्यौता नहीं दिया गया। ऐसी सूचना मिली है कि राजदूतों से कुछ चुनिंदा राजनेताओं को मिलने दिया गया है। 



 

 

Popular posts
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नारदा घोटाला मामले में आरोपी टीएमसी नेताओं को नजरबंद करने के कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया
Image
गंदा पानी पीने को मजबूर कस्बा वासी 10 साल बीते नही हो सकी पानी टंकी से सप्लाई
Image
कोरोना के कठिन दौर में शहर में मौतों,सोमवार को रात आठ बजे तक 130 शव शहर के दो श्मशान स्थलों पर पहुंचे, संस्कार के दौरान लकड़ी कम पड़ जाने से कुछ लोगों ने किया हंगामा
सराय अकिल पुलिस व आबकारी टीम ने बरामद की भारी मात्रा में अवैध शराब
पीपल चैराहा स्थित मुख्य बाजार मे राहगीरो के मोबाइल से चीनी ऐप डिलीट करवाती सदर विधायक व महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष
Image