गुजरात पुलिस ने किया था अनुरोध, इंटरपोल ने नित्यानंद के खिलाफ जारी किया ब्लू नोटिस


इंटरपोल ने स्वयंभू तांत्रिक नित्यानंद के खिलाफ ब्लू कार्नर नोटिस जारी किया है। गुजरात पुलिस ने बुधवार को बताया कि उसकी तलाश के लिए यह नोटिस जारी किया गया है। कर्नाटक में खुद के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद नित्यानंद देश से फरार हो गया है। 


 

गुजरात ने पुलिस ने नित्यानंद के खिलाफ पिछले साल नवंबर में दर्ज एफआईआर के संदर्भ में एक स्थानीय अदालत में दाखिल चार्जशीट में ब्लू कार्नर नोटिस जारी होने का खुलासा किया। उसके गुजरात स्थित आश्रम से दो लड़कियों के गायब होने के बाद यह एफआईआर दर्ज की गई थी। डीएसपी केटी कमरिया ने बताया कि नित्यानंद के खिलाफ यह नोटिस इस महीने जारी किया गया। उन्होंने कहा कि वे उसके खिलाफ इंटरपोल से रेड कार्नर नोटिस जारी कराने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य पुलिस ने नित्यानंद को वांछित घोषित किया हुआ है।  


क्या है ब्लू कार्नर नोटिस


इंटरपोल अपने सदस्य देशों के अपराधियों के खिलाफ अलग-अलग नोटिस जारी करता है जैसे, रेड, ब्लू, ब्लैक, पर्पल, ऑरेंज और यलो कार्नर नोटिस। ब्लू कार्नर नोटिस भगोड़े अपराधी की तलाश के लिए जारी किया जाता है। आपराधिक जांच के सिलसिले में एक व्यक्ति का पता लगाने या उसके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए ब्लू कार्नर नोटिस जारी किया जाता है जबकि रेड कार्नर नोटिस वांछित व्यक्ति की गिरफ्तारी के लिए जारी किया जाता है।







बता दें कि देश छोड़कर भागे दुष्कर्म के हाई प्रोफाइल आरोपी स्वामी नित्यानंद का कोई सुराग नहीं है। पुलिस और एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी और अपनी शिष्याओं से दुष्कर्म का आरोपी नित्यानंद देश छोड़ कर चला गया। इतना ही नहीं उसने वीडियो के जरिए एजेंसियों को चुनौती भी दी थी। 

विदेश मंत्रालय ने सभी देशों में भारतीय दूतावासों और उच्चायोगों को अलर्ट कर रखा है। एक वीडियो संदेश में नित्यानंद ने कहा था है कि कोई भी अदालत उसे सजा देकर सच बोलने से नहीं रोक सकती। नित्यानंद के मुताबिक वह भगवान शिव का परम रूप है और इस सच को दुनिया को बताना चाहता है। 

एक वेबसाइट पर इक्वाडोर में हजारों एकड़ जमीन खरीद कर उसे कैलाश नामक हिंदू राष्ट्र बनाने का दावा करने के बाद नित्यानंद चर्चा में आया था। इसका संज्ञान लेते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा था कि इक्वाडोर सरकार ने नित्यानंद के वहां होने से इनकार किया है। मंत्रालय ने कहा था कि नित्यानंद किस देश में है इसकी भी जानकारी नहीं है। 

विदेश मंत्रालय ने बताया था कि किसी एजेंसी ने इस भगोड़े स्वामी का पता लगाने के मामले में संपर्क नहीं किया। वहीं सरकार ने इक्वाडोर में नित्यानंद के अलग देश बनाने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया था। नित्यानंद के खिलाफ 22 नवंबर को दो बच्चियों के अपहरण का मामला दर्ज करने वाली गुजरात पुलिस ने माना था कि नित्यानंद देश छोड़ कर भाग चुका है। 

उस पर कर्नाटक में भी अपनी शिष्याओं से दुष्कर्म का मामला दर्ज है। नित्यानंद का पासपोर्ट 2018 में ही रद्द हो चुका है। एजेंसियों को शक है कि वह नेपाल के रास्ते बिना पासपोर्ट भाग गया।