जेपी नड्डा भारतीय जनता पार्टी के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित, निर्वाचन अधिकारी राधामोहन सिंह ने की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

नई दिल्ली ।    जेपी नड्डा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित हो गए हैं। निर्वाचन अधिकारी राधामोहन सिंह ने इसकी घोषणा की।  भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा को निर्विरोध भारतीय जनता पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया है। राष्ट्रीय कार्यालय में संपन्न हुई चुनावी प्रक्रिया के दौरान अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहे।


जेपी नड्डा की पत्नी मल्लिका ने कहा, 'हम सभी के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण दिन है। परिवार, बिलासपुर और हमारे हिमाचल प्रदेश राज्य सहित हर कोई आज बहुत खुश है क्योंकि यह इतने छोटे राज्य के एक व्यक्ति को दी जा रही बड़ी जिम्मेदारी है। जेपी नड्डा 1977 से 1979 तक रांची में रहे। उनके पिता रांची विश्वविद्यालय के कुलपति व पटना विवि के प्रोफेसर रहे। 1975 में जेपी आंदोलन में भाग लेने के बाद जगत प्रकाश नड्डा बिहार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए। 1977 में छात्र संघ का चुनाव लड़ा और सचिव बने थे। पटना से स्नातक के बाद नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। 1983 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में वह विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष चुने गए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने वाले जगत प्रकाश नड्डा 1993 में हिमाचल विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद भाजपा विधायक दल के नेता बने थे। 1998 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद नड्डा को पार्टी सीएम बनाना चाह रही थी लेकिन उनके पीछे हटने से प्रेम कुमार धूमल का नाम प्रस्तावित किया गया। 2009 में मंत्री पद छोड़कर वह दिल्ली चले गए। जेपी नड्डा 1977 से 1979 तक रांची में रहे। उनके पिता रांची विश्वविद्यालय के कुलपति व पटना विवि के प्रोफेसर रहे। 1975 में जेपी आंदोलन में भाग लेने के बाद जगत प्रकाश नड्डा बिहार में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हुए। 1977 में छात्र संघ का चुनाव लड़ा और सचिव बने थे। पटना से स्नातक के बाद नड्डा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। 1983 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में वह विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष चुने गए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने वाले जगत प्रकाश नड्डा 1993 में हिमाचल विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद भाजपा विधायक दल के नेता बने थे। 1998 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद नड्डा को पार्टी सीएम बनाना चाह रही थी लेकिन उनके पीछे हटने से प्रेम कुमार धूमल का नाम प्रस्तावित किया गया। 2009 में मंत्री पद छोड़कर वह दिल्ली चले गए।