रेप पीड़िता बालिका की आबरू की कीमत लगाने वाले कोतवाल भरे समाज में हुए बेज्जत

कौशांबी।  जिले में इन दिनों विवादित चर्चाओं से जुड़े हत्यारोपी कोतवाल उदयवीर सिंह का आचरण पुलिस अधिकारी भी नहीं बदल पा रहे हैं कोतवाल उदयवीर सिंह के कृत्य के चलते अब जनता का पुलिस से जहां विश्वास उठ रहा है वहीं जनता अब बेकाबू होती दिख रही है ताजा मामला पश्चिम शरीरा थाने का है  जहां 12 वर्ष की एक मासूम बालिका के साथ बलात्कार की घटना के बाद पश्चिम शरीरा कोतवाल उदयवीर सिंह ने बलात्कारी का साथ देकर जहाँ रेप पीड़िता का मेडिकल चेकअप नहीं कराया वहीं बालिका की आबरू की कीमत 28000 लगाकर बलात्कार के पूरे मामले को वह पी गए कोतवाल के इस कृत्य से बालिका के परिजन आक्रोशित हो उठे और मंझनपुर तहसील दिवस में जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में पूरे मामले को लेकर पहुंचे लेकिन बीच में कोतवाल ने बलात्कारी का पक्ष लिया जिससे पीड़िता की मां आपा खो बैठी और तहसील दिवस में सैकड़ों फरियादियों दर्जनों अधिकारियों कर्मचारियों के सामने कोतवाल उदयवीर सिंह को खरी खोटी सुनाते हुए उसके गिरेबान को पकड़ कर उसे बेज्जत कर दिया


 मंझनपुर तहसील दिवस में कोतवाल का कलर महिला द्वारा पकड़े जाने के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया और पूरे तहसील परिसर में भ्रष्ट कोतवाल की निंदा हर जुबान पर होने लगी पश्चिम शरीरा कोतवाल उदयवीर सिंह के इस कारनामे ने आज एक बार फिर उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी को शर्मसार कर दिया है बलात्कारी को बचाने और रेप की कीमत लगाने वाले कोतवाल के तमाम कारनामों पर आरोप लगने के बाद भी पुलिस अधिकारी इस भ्रष्ट कोतवाल पर मेहरबान है उत्तर प्रदेश सरकार के एक पूर्ब मुख्यमंत्री के बेटे इस घूसखोर खाकी को कलंकित करने वाले कोतवाल को बचाने उतर रहे है जिससे पुलिस विभाग के आला अधिकारी भी इस हत्यारोपी कोतवाल पर कार्यवाही करने का साहस नहीं कर पा रहे हैं उदयवीर कोतवाल के इस कारनामे से योगी सरकार की छवि धूमिल हो रही है बलात्कार की कीमत लगाने वाले कोतवाल उदयवीर सिंह को आला अधिकारी कब तक दंडित करते है या फिर योगी सरकार की छवि पर दाग लगाने वाले कोतवाल इसी तरह अपराधियों के चरणों में गिर कर धनादोहन कर पीड़ितों को प्रताड़ित करते रहेंगे यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल है