उफ लखनऊ के  शक्तिभवन मे भी जरूरत ऐन्टीरोमियो स्काट की

 लखनऊ 24 लखनऊ  उ प्र सरकार भले ही प्रदेश मे महिलाओ की सुरक्षा के लिये ऐन्टीरोमियो स्काट का गठन कर महिलाओं की सुरक्षा का दम भर रही हो पर इन दिनो सरकारी दफ्तरों मे महिलाओ के साथ छेड़छाड़ के मामले सामने आने लगे है सूत्रो के हवाले से खबरो के अनुसार लखनऊ के विद्युत विभाग के मुख्यालय शक्तिभवन के तीसरे फ्लोर पर पेन्शन विभाग में तैनात संविदा महिलाकर्मी के साथ एक DGM के पद पर मौजूद अधिकारी ने बदनियती से हाथ लगा कर अपनी रोमियो गिरी पेश कर दि । जिसकी चर्चे इन दिनो पूरे शक्तिभवन सुनने को मिल रहे है वैसे यह कोई पहली घटना नहीं है आज कल जो पूर्व मे तैनात  बडका बाबू जी के खासम खास व शक्ति भवन में अपनी पूरी जिंदगी बिताने वाले विपेष कार्य अधिकारी का इनाम पाए ने भी  एक दलित महिला का शोषण किया था मामले के तूल पकडने के बाद दबाव बना कर कर मामला रफा दफा हुआ  यही नही कि शक्ति भवन के यह हाल है लेसा मे भी एक ऐसा मामला प्रकाश  मे आया वहाँ एक जेई महोदय ने यही काम किया था  मध्याचल मे तो एक बहुत ही चर्चित घटना हुई थी जिसमें एक तत्कालीन अधिशाषी अभियन्ता ने अपनी सहकर्मी को एक बडे अधिकारी के सामने पेश कर दिया था उस समय की प्रबंध निदेशक मध्याचल जे सेलविया कुमारी ने तो जाँच के आदेश भी दिये थे परन्तु रहस्यमय ढग से रातोरात महोदया का स्थानांतरण हो गया ऐसे अनगिनत मामले प्रकाश में आते है दिखावे को जाँच के आदेश होते है और फिर वह ठण्डे बस्ते मे चले जाते है ।      


विशेष तौर पर विद्युत विभाग मे विगत वर्षों से एक फैशन पूरी तरह चलन मे देखने को मिल रहा है छोटे से लेकर डायरेक्टर लेबल तक के अधिकारी अपने असिस्टेंट के तौर पर कम्प्यूटर ऑपरेटर संविदा कर्मियों को अपने कमरे मे बैठने का चलन हो गया है अपने आप को बेरोजगारी से बचाने के लिये इन अधिकारियों के कमरे मे न चाहते हुए भी ये काम करने को मजबूर है यह महिलाएं व लडकियों आये दिन शारीरिक और मानसिक शोषण का शिकार होती रहती है इनकी सुनने वाला कोई नहीं । अब देखना है कि बदले निजाम मे बडका बाबू एम देवराज यानि देवो के राजा आपने राज्य यानि कि स्वर्ग को मतलब इन बदनियत लोगो के स्वर्ग यानि कि शक्ति के भवन मे क्या करते है क्या यह उत्पीड़न रूकेगा या यू ही चलता रहेगा वैसे इ मामले मे भी एक जाँच कमेटी बनाई गयी है जिसमें मुख्य अभियन्ता स्तर के दो अधिकारी  हसन शहीर और वहारिलका दुबे को जाँच सौपी गयी है यानि कि जाँच की खाना पूर्ति के लिए खिलाड़ी मैदान मे उतर आए है वैसे भी अगर महाशय DGM साहब दोषी होगे तो उन पर क्या कार्रवाई होगी यानि कि मामला टाय टाय फिस बेचारी महिला ही कुछ समय बाद मामला ठण्डा पडते ही नौकरी से हाथ धो लेगी और बाबूजी अगले शिकार की तलाश में लग जाएगे।