आवारा पशुओं से परेशान किसान,लोगों में आक्रोश व्याप्त


कौशाम्बी।  जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों की किसानों की फसलों को भारी तादाद में छुट्टे मवेशियों के द्वारा खेतों की फसलों को अपना हरा चारा बनाया जा रहा है, जिसको देखकर किसानों के चेहरों में मायूसी पूर्ण रूप से छायी हुई है।खेतों में बुवाई के बाद फसलें अंकुरित हो चुकी हैं और धीर-धीरे बड़ी होने लगी हैं। रात-रातभर ग्रामीणों के द्वारा जागकर रखवाली के बाद भी नजर चूकते ही खेतों में घुसने वाले आवारा पशुओं का झुंड लाचार किसानों की मेहनत बर्बाद कर रहा है। सैकड़ो एकड खेतो की फसले जैसे गेंहू, सरसो इत्यादि बर्बाद हो गई है।छुट्टे मवेशी द्वारा अंकुरित फसलें चट कर ली जा रही हैं और बाकी धमाचौकड़ी मचाकर कर रौंदे जाने से चौपट हो रही है। जिससे हर ग्रामीण इलाकों के ग्रामीणों में पूरी तरह से आक्रोश व्याप्त है,और वही पर बहुधा लोग इसके लिए प्रदेश सरकार को कोस रहें हैं।


    क्षेत्र में आवारा जानवर किसानों के लिए दिन - रात की परेशानी बन चुके हैं। खेतों में किसान जितनी देर फसल की रखवाली करते हैं, उतनी देर तो सब ठीक रहता है, लेकिन जैसे ही जरूरी काम से कहीं जाते हैं तो छुट्टे जानवर खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद कर देते हैं। किसानों की रात की नींद व दिन का चैन हराम हो चुका है। 
   
  सैकड़ो किसानों ने छूटे हुए मवेशियों से परेशान होकर प्रशासन से समाधान अथवा बर्बाद फसल का मुआवजा प्राप्त करने हेतु भी मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि उनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं और जिम्मेदार चैन की बंशी बजा रहे हैं, प्रदेश सरकार गोशाला बनवाने के लिए भारी - भरकम बजट खर्च कर रही है फिर भी कई जगह गोशालाएं नहीं बनी हैं। जहां बनी हैं वहां पर जानवरों के लिए चारा पानी नहीं है, जिससे जानवर खेतों में घुसकर फसलें बर्बाद कर देते हैं।
साथ ही साथ बता दे कि कई ग्रामीण ऐसे भी है जो अपने जानवर खुद ही छुट्टे छोड़ दे रहे हैं, जिससे मवेशी सैकड़ो के तादाद मे हो गये हैं। किसानों ने  इस तरह के व्यक्ति के ऊपर ठोस कार्रवाई करने की मांग की है।