बिना काम वेतन मिलने से सफाई कर्मी हुए बेलगाम

जिला पंचायत कार्यालय से करोड़ो रूपये महीने बेतन किया जा रहा है अवमुक्त।


बजबजा रही नालियो की शिकायत करने पर फरियादी को सफाईकर्मी ने ब्लाक में पीटा।


कौशाम्बी। जिले में जबसे पंचायत विभाग की कमान शासन ने गोपाल जी ओझा को सौपी है तब से पूरे जिले के ग्रामीण क्षेत्रो की सफाई व्यवस्था चरमरा गयी है। गांव गांव नालिया बजबजा रही है गलियो में गंदगी और कीचड भरे है सरकारी परिशदीय स्कूलो के शौचालय और कक्ष की भी सफाई बन्द हो चुकी है जिले के 90 प्रतिशत विद्यालयो में शौचालय उपयोग लायक नही है।


 चौपट सफाई व्यवस्था के चलते आये दिन लोग सफाई कर्मी की शिकायत कर रहे है। लेकिन सफाई कर्मियो की शिकायत पर कार्यवाही होती नही दिख रही है। अब व्यवस्था में खामिया कहा है यह तो जॉच का विषय है लेकिन सफाई कर्मियो को बिना ड्यूटी दिये ही प्रत्येक महीने करोडो रूपये का वेतन बिना रोक टोक के अवमुक्त किया जा रहा है।


 चौपट सफाई व्यवस्था की 
शिकायत मंझनपुर विकास खण्ड के जजौली ग्राम पंचायत के शरीफपुर के ग्रामीण राजभवन पुत्र रामखेलावन सहित तमाम ग्रामीणो ने अधिकारियो से की शिकायत से बौखलाये सफाईकर्मी ने शिकायतकर्ता को मंझनपुर ब्लाक में पीट दिया है। मंझनपुर ब्लाक परिसर में पूरे दिन कुछ सफाईकर्मी अडडे बाजी करते है। 


शिकायतकर्ता को पीटने के पीछे सफाई कर्मी का मकसद है कि बिना काम के उनका वेतन आसानी से मिलता रहें। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से बिना ड्यूटी के करोडो रूपये महीने के वेतन अवमुक्त किये जाने का मामला गम्भीर है और इस मामले में यदि शासन ने उच्च स्तरीय जॉच करायी तो जिम्मेदारो पर गाज गिरना तय है लेकिन क्या योगी राज में व्यवस्था चौपट करने वाले इन अधिकारियो पर शासन कार्यवाही करेगा या फिर कुछ माननीयो की सिफारिश के चलते व्यवस्था चौपट करने वाले अधिकारी बचते रहेगें यह व्यवस्था पर बडा सवाल है।