CAA: भारी-भरकम सामान के साथ पैदल वाघा बॉर्डर से भारत आए पाक के 200 हिंदू परिवार

केंद्र सरकार द्वारा संसद में नागरिकता संशोधन कानून के पास कराने के बाद पाकिस्तान में रहने वाले कई परिवार अपने पूरे सामान के साथ वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत आने लगे हैं। सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून के तहत सिटिजनशिप देने के लिए 31 दिसंबर 2014 के पहले भारत आने वालों को ही योग्य बताया है। लेकिन इसके बावजूद भी पाकिस्तान में रहने वाले करीब 200 हिंदू परिवार अब तक वाघा सीमा के जरिए टूरिस्ट वीजा पर भारत आ चुके हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, नए कानून के पास होने के बाद पाकिस्तान में रहने वाले जिन परिवारों के लोग वाघा सीमा के जरिए भारत में दाखिल हुए हैं, उन सभी को सरकार ने टूरिस्ट वीजा जारी किया है। हालांकि जिस तरह से यह लोग पैदल अपना सामान लेकर भारत में दाखिल हुए हैं, उससे यह माना जा रहा है कि यह सभी भारतीय नागरिकता के लिए अप्लाई कर सकते हैं। टूरिस्ट वीजा को अब तक उन लोगों को जारी किया जाता है, जो कि भारत में अपने रिश्तेदारों या अन्य लोगों से मिलने के लिए एक निश्चित अवधि के लिए यहां की यात्रा पर आते हैं।
'भारत में ऐसे प्रवेश सामान्य नहीं'
सूत्रों का कहना है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह लोग भारत में बसने के लिए आए हैं, लेकिन इसकी आशंका जरूर है कि यह अपने वीजा की मियाद के आगे भी भारत में रह जाएं और नागरिकता के लिए अप्लाई करें। सूत्रों का कहना है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि यह लोग सही में टूरिस्ट हैं या नहीं, लेकिन यह जरूर है कि इतने परिवारों का यहां आना सामान्य बात नहीं। आम तौर पर टूरिस्ट वीजा पर आने वाले लोग सूटकेस या किसी बैग के साथ भारत में दाखिल हो जाते हैं। हालांकि जिस तरह पाकिस्तान से आए इन परिवारों ने अपने भारी-भरकम बैगेज के साथ भारत में प्रवेश किया है, उससे यह माना जा रहा है कि यह सिर्फ कुछ दिनों की यात्रा पर भारत नहीं आए हैं।