कांग्रेस ने यूसुफ चोपान को जमानत मिलने पर शाह और NIA प्रमुख से मांगा इस्तीफा

नई दिल्ली।  कांग्रेस ने आतंकवाद के आरोपी यूसुफ चोपान को जमानत मिलने पर शुक्रवार को सवाल खड़े किए और कहा कि पुलवामा आतंकवादी हमले में शामिल व्यक्ति के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ होने के बाद अब गृह मंत्री अमित शाह एवं एनआईए प्रमुख वाईसी मोदी को इस्तीफा दे देना चाहिए। हालांकि एनआईए ने एक बयान में कहा है कि चोपान नामक जिस व्यक्ति को जमानत मिली है उसे आतंकवाद की साजिश के एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया गया था न कि फरवरी, 2019 के हमला मामले में।


पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी सीधी मांग है कि गृह मंत्री और एनआईए चीफ का इस्तीफा अनिवार्य है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘ क्या यूसुफ चौपान नाम का व्यक्ति जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी है? जैश संसद हमले, पुलवामा और ऐसी ही कई आतंकी वारदातों का जिम्मेदार है या नहीं? पुलवामा हमले के आरोपी यूसुफ चोपान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल क्यों नहीं की गई? क्या आप पुलवामा-संसद हमले को देश विरोधी अपराध मानते हैं?’’


उन्होंने यह भी पूछा, ‘‘केंद्र सरकार/पीआईबी के बयान पर किसी का हस्ताक्षर क्यों नहीं है? इसमें कहा गया है कि चोपान के खिलाफ सबूत न होने के कारण आरोपपत्र दाखिल नहीं हो पाया। ये कैसे संभव है? क्या यह जैश को क्लीन चिट नहीं है?’’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा हमले के नाम पर वोट लिया, लेकिन अब शहीदों और उस हमले को भूल गए।
*ANS NEWS-ओडिशा में बोले शाह, CAA में किसी भी मुस्लिम या अल्पसंख्यक की नागरिकता नहीं जाने देंगे*
  भुवनेश्वर,28 फरवरी *एएनएस*     गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के बारे में क्यों झूठ बोल रहा है? मैं यहां फिर से दोहराता हूं कि किसी भी मुस्लिम या अल्पसंख्यक की नागरिकता को सीएए के माध्यम से नहीं लिया जाएगा, क्योंकि यह नागरिकता देने के लिए एक अधिनियम है जो इसे दूर नहीं ले जाएगा।


ओडिशा के भुवनेश्वर जनता मैदान में गृह मंत्री अमित शाह ने सीएए के समर्थन आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान शाह ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, लेफ्ट और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला। अमित शाह ने कहा कि विपक्ष नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के बारे में क्यों झूठ बोल रहा है? मैं यहां फिर से दोहराता हूं कि किसी भी मुस्लिम या अल्पसंख्यक की नागरिकता को सीएए के माध्यम से नहीं लिया जाएगा, क्योंकि यह नागरिकता देने के लिए एक अधिनियम है जो इसे दूर नहीं ले जाएगा।


अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन लोगों को नागरिकता देने और मानवाधिकारों की रक्षा करने के लिए सीएए लेकर आए हैं, जिन पर धर्म के आधार पर पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में अत्याचार हो रहा है. जिनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।


*ANS NEWS-भीमा कोरेगांव मामले में NIA अदालत के समक्ष पेश हुए 9 आरोपी*
मुंबई,28 फरवरी (एएनएस)। एलगार परिषद-माओवादी संपर्क मामले में गिरफ्तार किये गए नौ आरोपियों को शुक्रवार को यहां एक विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। कुछ दिन पहले ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली है। यह पहला मामला है जब आरोपियों को यहां विशेष एनआईए अदालत के समक्ष पेश किया गया। आरोपियों में अधिकतर मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। पुणे पुलिस 2017 के इस मामले में जांच कर रही थी लेकिन केंद्र ने जनवरी में मामले को एनआईए को स्थानांतरित कर दिया था। 


पूर्व में मामले की सुनवाई कर रही पुणे की अदालत ने केंद्रीय एजेंसी के अनुरोध पर मामले की जांच को मुंबई की विशेष एनआईए अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश पारित किया था। पुणे की अदालत ने निर्देश दिया था कि आरोपियों को मुंबई की एनआईए अदालत में 28 फरवरी तक या उससे पहले पेश किया जाए। इसी के अनुरूप आरोपियों को विशेष एनआईए न्यायाधीश डी ई कोथालिकर की अदालत में पेश किया गया जिन्होंने मामले की सुनवाई को 13 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया। 


आरोपी - सुरेंद्र गाडलिंग, महेश राउत, रोना विल्सन, सुधीर धावले, वरवर राव, अरुण फरेरा, सुधा भारद्वाज, शोमा सेन और वरनोन गोंजाल्विस को पुणे की यरवदा जेल से बुधवार को मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया। यह मामला पुणे में 31 दिसंबर 2017 को शनिवारवाड़ा में ‘एलगार परिषद’ सम्मेलन में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने से संबंधित है। पुलिस का दावा है कि इससे अगले दिन शहर के बाहरी इलाके में स्थित कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा हुई।