कोखराज क्षेत्र की हत्याओ के खुलासे में हांफ रहे थानेदार

डेढ वर्षो के बीच कोखराज थाना क्षेत्र के कशिया गांव में गाजर मूली की तरह काट कर दस लोगो की हुयी हत्या।
 
पूर्व पुलिस कप्तान के कार्यकाल में हुयी दर्जनो हत्याकांड का नही हो सका खुलासा।
 
कौशाम्बी। सूबे की योगीराज में अपराधो से जिला दहल रहा है पूर्व पुलिस कप्तान प्रदीप गुप्ता के दो वर्ष के कार्यकाल में सैकडो लोगो की हत्या कर मौत दे दी गयी थी। तमाम हत्याओ में साक्ष्य को दरकिनार कर आत्म हत्या दुर्घटना भी पुलिस ने दर्ज कर विवेचना के दौरान अभियुक्तो का पता नही चल रहा है विवेचना जारी रहेगी यह लिखकर विवेचक ने हत्या की तमाम फाइलो को बन्द कर दिया है।


 इस थाना क्षेत्र के कशिया पश्चिम गांव में डेढ वर्षो के बीच दस लोगो की हत्या कर दी गयी है। कुछ मामलो को छोडकर अन्य मामलो में पुलिस अभियुक्तो को पकड नही सकी है। इसी थाना क्षेत्र के बालकमऊ मरधरा रेल फाटक सिंघिया सहित तमाम स्थानो पर हुयी दर्जनो हत्याओ का भी खुलासा कर हत्यारो को जेल भेजने के बजाय पुलिस ने हत्या की पत्रावली को विवेचना जारी है लिखकर बन्द कर दिया है। जो योगी सरकार की व्यवस्था पर बडा सवाल है


 पूर्व पुलिस कप्तान प्रदीप गुप्ता के कार्यकाल में कौशाम्बी जनपद के विभिन्न थानो में दर्ज हत्या आत्म हत्या लावारिश लाश और तमाम दुर्घटना के प्रकरण के पत्रावलियो की जॉच हुयी तो पूर्व पुलिस कप्तान के चेहरे उजागर होने के साथ साथ विवेचक पर गाज गिरना तय है। 


घटनाक्रम का जिक्र करे तो कोखराज थाना क्षेत्र के कशिया पश्चिम गांव में 1 जुलाई 2018 को गांव की रूपरानी और उसके बेटे बृजेश कुमार की कुल्हाडी से काटकर हत्या कर दी गयी
इस मामले में मुख्य अभियुक्त को क्लीन चिट देते हुए दो अभियुक्तो को पुलिस ने जेल भेज दिया और एक अभियुक्त अभी भी फरार है। 


इसी गांव में 13 जनवरी 2019 को मनीष कुमार 22 वर्ष पुत्र कन्धई लाल विश्वकर्मा की गला घोटकर हत्या करने के बाद हत्यारो ने मुॅह में तेजाब डाल दिया। इस हत्याकांड के खुलासे में भी पुलिस ने लीपा पोती कर दी। इसी गांव में तीन दिन बाद 16 जनवरी 2019 को फिर दूधनाथ उम्र 55 वर्ष का चारपाई मे हॉथ पैर बांधकर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जला दिया गया था। इस मामले का खुलासा करने के बजाय पुलिस ने पत्रावली को बन्द कर दिया है। फिर इसी गांव में 28 मई 2019 को कुसुम देवी पत्नी गिरजा शंकर को कुल्हाडी से काट डाला गया है और उसकी बेटी पर भी वार किया गया है। इस मामले में मृतका के पति को पुलिस ने जेल भेज दिया है। 


कोखराज थाना क्षेत्र का कशिया गांव हत्याओ से दहल रहा है और कोखराज थाना पुलिस सर्किल अफसर सिराथू आकडो का खेल खेलते रहे तत्कालीन पुलिस कप्तान प्रदीप कुमार गुप्ता माननीयो की गुलामी कर सूबे की सरकार को गुमराह करते रहे पूर्व पुलिस कप्तान के कार्यकाल में जिले की जनता गाजर मूली की तरह काटी जाती रही और वह चैन की बंशी बजाते रहे जिले में बढते अपराध के बाद भी पूर्व पुलिस कप्तान के कारनामो पर भाजपा के सांसद और विधायक ने भी हकीकत से योगी सरकार को अवगत कराने का प्रयास नही किया। 


इसी गांव में फिर पांच जुलाई 2019 को एक साथ तिहरे हत्याकांड में भैया लाल पासी उसकी पत्नी सोमवारा देवी और दीपक कुमार नामक लडके पर कुल्हाडी से वार कर मौत के घाट उतार दिया गया है इस तिहरे हत्याकांड के खुलासे में भी कोखराज पुलिस हाफती रह गयी और सात महीने से अधिक बीत जाने के बाद भी तिहरे हत्याकांड का खुलासा पुलिस नही कर सकी।फिर भी हत्याकांड के खुलासे में फिसड्डी थानेदार की पीठ आलाधिकारी थपथपाते रहे जिसका नतीजा यह रहा कि संगठित अपराधो को बढावा देकर कोखराज थानेदार करोडो रूपये अवैध तरीके से अर्जित करते रहे


 कोखराज थाना क्षेत्र में बढते अपराध की कहानी यही नही समाप्त होती बल्कि 22 सितम्बर 2019 को फिर सावित्री देवी पत्नी ओमप्रकाश की हत्या कर दी गयी हत्यारो ने साक्ष्य नष्ट करते हुए लाश को चुल्ले से बांधने का प्रयास किया लेकिन मौके की परिस्थिति और पीएम रिर्पोट ने सावित्री की गला घोटकर हत्या की पुष्टि कर दी लेकिन फिर भी पांच महीने बीत जाने के बाद इस हत्याकांड के आरोपी जेल नही गये। लगातार कोखराज थाना क्षेत्र हत्याओ से दहल रहा है और कोखराज पुलिस अपराधियो से गलबहिया डालकर धनादोहन में मस्त है। 


बढते अपराध और जनता के हो हल्ला पर आलाधिकारियो ने इस थाना से उस थाना की इंचार्जी बदलकर लोगो को चुप करा दिया। 26 फरवरी 2020 की रात फिर कशिया गांव में मोहिनी देवी उम्र 48 वर्ष पत्नी कालका प्रसाद सरोज को कुल्हाडी से काटकर मौत के घाट उतार दिया गया है। 24 घण्टे बीत जाने के बाद भी इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले हत्यारो को पुलिस दबोच नही सकी है।


 इसी थाना क्षेत्र के बालकमऊ गांव में ढाई वर्षो पूर्व सैकडो लोगो के बीच गांव में एक डाक्टर को कुल्हाडी से काट डाला गया था। तमाम चश्मदीद होने के बाद भी डाक्टर हत्याकांड के अभियुक्त जेल नही जा सके है। मरधरा रेल फाटक सहित तमाम रेलवे फाटक और हावडा दिल्ली रेल लाइन का किनारा हत्या कर लाश फेकने का ठिकाना बन चुका है और रेल लाइन पर अब तक हत्या कर कई दर्जन लाशे फेकी गयी है जिनका भी खुलासा पूर्व पुलिस कप्तान के कार्यकाल में नही हो सका है। योगीराज में निरंकुश पुलिस अधिकारियो और थानेदारो के कारनामो पर कब रोक लगेगा यह सरकार की व्यवस्था पर बडा सवाल है बढते अपराध पर माननीयों का मौन साध जाने पर लोगो का ऊगली उठाना भी लाजमी बनता है।