नौकरी दिलाने का झासा देने वाले गिरोह को पकडा

पकडे गये अभियुक्तो के पास एक अदद तमंचा कारतूस मार्कशीट ज्वाइनिंग लेटर नियुक्ति पत्र सहित तमाम चीजे हुयी बरामद।


कौशाम्बी। चरवा थाना में पंजीकृत मुकदमा वादी जगदीश प्रसाद से धोखा धड़ी कर रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी किया गया। वादी मुकदमा अशोक कुमार से धोखा धड़ी कर नौकरी दिलाने के नाम पर 6 लाख रू0 लेने का पुलिस ने खुलासा किया। पुलिस ने लिखा पढी कर जेल भेज दिया।  
पुलिस अधीक्षक के निर्देषन में साइबर सेल व प्रभारी निरीक्षक चरवा एसओजी टीम ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर ठगी मामले का खुलासा किया। अपर पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों को बताया कि मंझनपुर व चायल के कुशल सर्वेक्षण में साइबर सेल व थाना चरवा एंव एसओजी टीम की सक्रियता से कार्य करते हुये उक्त मुकदमे का सफल अनावरण किया गया। मुखबीर की सूचना पर रेलवे, टीईटी, एसएससी, एलटी ग्रेड में नौकरी के नाम पर भोले भाले लोगों से करोड़ो रूपये ठगी करने वाले गिरोह के कुछ सक्रिय सदस्य बबुरा मोड़ थाना चरवा में मौजूद है।


 सूचना पर साइबर सेल व थाना चरवा पुलिस एसओजी टीम के साथ सलेमपुर निवासी पिंकू सैयद सरांवा थाना चरवा एंव अन्य ठगी मुकदमों में वांछित अभियुक्त पिंकू सिंह उर्फ विक्र्रम निवासी सलेमपुर, धाता जनपद फतेहपुर शेरा उर्फ महेन्द्र सिंह पुत्र राजेन्द्र पटेल निवसी डेबरा थाना मंझनपुर सुरेष पुत्र प्रकाश निवासी अलवारा थाना महेवाघाट वीरेन्द्र कुमार पुत्र राम प्रकाश निवासी भैरमपुर थाना धाता जनपद फतेपुर जो सफेद रंग की कार यूपी 70 ई एस 8111 में सवार थे को ग्राम मिरकुण्डी, सैयद सरांवा थाना चरवा से करीब 10 बजे गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त पिंकू उर्फ विक्रम के कब्जे से एक अदद तमंचा व एक अदद कारतूस 315 बोर  व एक अदद मोबाइल जिसके बारे में पूछा गया तो पिंकू उपरोक्त ने बताया कि ये मोबाइल ठगी के घटना में प्रयुक्त करते है। जिससे व्हाट्सएप के माध्यम से आन्सर की, एडमिट कार्ड, नियुक्ति आदेष, व ठगी के पैसा जरिये चेक आदि अपने गिरोह के सदस्यों के मोबाइल में ठगी करने के लिये आदान प्रदान किया जाता है। गाड़ी के बारे में पूछा गया तो बताया कि ये कार मेरी है। इन्ही पैसो से व कुछ फाइनेंस से हमने गाडी भी  खरीदी है। अभियुक्त सुरेश उपरोक्त के कब्जे से सैमसंग मोबाइल व अभियुक्त विरेन्द्र के कब्जे से एमआई का मोबाइल बरामद हुआ। गाड़ी के डैष बोर्ड से एक-दो अदद बेसिक शिक्षाअधिकरी का नियुक्ति आदेश 10 अदद अंकपत्र 2 अदद सनद एक अदद ज्वानिंग लेटर रेलवे व अन्य प्रपत्र आदि बरामद हुए। उक्त मामले से सम्बन्धित अन्य वांछित अभियुक्त की तलाश जारी है।