रायफल की नोक पर पुलिस ने गरीब का सामान सडक पर फेका

योगी सरकार के मंत्री और विधायक भी पुलिस की तानाशाही पर अंकुश लगाने के बजाय उनकी जी हुजूरी करते देखे जाते हैं।


कौशाम्बी। प्रदेश में योगी सरकार के बनने के बाद से अब पुलिस तो अपने को व्यवस्था का सर्वोच्य अफसर मान बैठी है और रायफल की दम पर पुलिस सब कुछ फैसला स्वंय कर रही है। पुलिस के इस तानाशाही से योगी सरकार की छवि धूमिल हो रही है


 लेकिन योगी सरकार के मंत्री और विधायक भी पुलिस की तानाशाही पर अंकुष लगाने के बजाय उनकी जी हुजूरी करते देखे जाते है। जिससे योगी सरकार की पुलिस का हौसला बढा है और गरीब जनता का योगी सरकार में जीना मुहाल हो गया है।


 ताजा मामला करारी थाना पुलिस का है। जहॉ पुलिस वर्दी को कलंकित कर एक विवादित जमीन पर बने घर में रह रहे गरीब परिवार का सामान रायफल की नोक पर पुलिस के जवानो ने सडक पर फेक दिया है। 


 जानकारी के मुताबिक करारी थाना क्षेत्र के बडा तारा गांव में अनुसूचित जाति के गरीब मैहर पुत्र कामता एक मकान में दुकान चला कर जीवका पार्जन कर रहे थे इस मकान पर प्रदीप सिंह नन्हुक लाल सिंह और राजेश सिंह आदि अपना कब्जा बता रहे थे उनका कहना था कि यह मकान उन्होने बनाया है जबकि जिस जमीन पर यह मकान बना है। वह तालाबी भूमि है।


बीते 12 साल पहले तालाब की भूमि पर बने इस मकान को अभी तक जॉच पडताल कर तहसील प्रशासन ध्वस्त नही करा सका है। लेखपाल ने भी तालाब पर बने मकान की रिर्पोट एसडीएम को नही सौपी जिससे एसडीएम ने भी शासन को तालाब बने मकान की रिर्पोट नही भेजी। तालाब पर बने मकान पर दलित मैहर अपना कब्जा बता रहा है इस बात को लेकर तहसील से लेकर जिले के अधिकारियो तक कई बार शिकायती पत्र भी दिये जा चुके है। 


जमीन किसकी है मकान किसने बनावाया और मकान में काबिज कौन है इस बात का फैसला सरकारी नुमाइदे नही कर सके लेकिन कानून की धज्जिया उडाते हुए लेखपाल और पुलिस के जवानो ने रायफल की नोक पर गरीब के घर का सामान सडक पर फेक कर दबंगो को यह मकान कब्जा करा दिया है जो पुलिसिया व्यवस्था पर बडा सवाल है और इस मकान को जबरिया खाली कराये जाने के मामले की यदि आलाधिकारियो ने जॉच करायी तो पुलिस का बेनकाब चेहरा उजागर होगा।