शहीदों की कुर्बानी के आगे मोहब्बत का रंग दिखा फीका

सोशल मीडिया पर भारतीय युवाओं ने, वैलेंटाइन डे को नहीं दी अधिक तवज्जो शहीद दिवस के रूप में मना रहे हैं आज का दिन।


ख़ुदागंज-:आज के दिन को कोई भारतीय कैसे भूल सकता है,जरा रुकियो हम बात आज 14  फरवरी यानी वैलेनटाइन-डे की नही कर रहे है जो कि दुनिया भर में बढ़चढ़ कर युवा वर्ग के द्वारा मनाया जा रहा है,आज दुनिया की आधी आबादी से अधिक युवा पीढ़ी 14 फरवरी को वैलेनटाइन के रूप में मनाने में मगसुल है तो बही इसका प्रभाव भारत मे कम हुआ जिसका मुख्य करण यह है कि आज ही के दिन पिछले बर्ष 14 फरवरी को देश के 40 वीर सपूत आतंकियों की उस कार्य कर शिकार हो गए थे जिसमें चार पहिया वाहन 350 किलो विस्फोट। के साथ सीआरपीएफ जवानों की गाड़ी से भिड़ा दी गई थी जिसमें 40 जवानों की जान मौके पर ही चली गई थी। जिसमें स्थानीय आतंकी का नाम सामने आया था जिसका नाम आदिल अहमद उर्फ बकाश कमांडो बताया गया था। आपको बता दें इससे पूर्व भी 1990 में आतंकवाद के उभार के समय के बाद से यह पहला बढ़ा। आतंकी हमला था।



नगर के युवा सभासद प्रकाश राठौर। वैलेंटाइन डे का बहिष्कार करते हुए अपने फेसबुक अकाउंट पर। देश के वीर सपूत सपूतों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा है कि आज के दिन को हम लोग काला दिवस के रूप में मनाए ना कि यह कोई अय्याशी करने का दिवस, मेरी युवा वर्ग से अपील है कि देश को सर्वोपरि मानकर देश के सम्मान में शहीदों को नमन करें।
वही नगर की युवा व्यापारी अमन गुप्ता "अमन"  ने अपने फेसबुक अकाउंट पर 40 वीर जवानों की उस हार्डिंग को अपने अकाउंट पर साझा किया है, जिसमें 40 वीर सपूतों के फोटो प्रदर्शित हुए हैं और भावुक संदेश के साथ लिखा है कि शहीदों को शत शत नमन।



युवा भाजपा नेता इंजीनियर रोहित सिंह ने नगर के युवाओं से देश प्रेम को अग्रणी रखने को कहा है ना कि अंग्रेजों की विरासत वैलेंटाइन डे को तवज्जो देने की बात कही उन्होंने कहा कि अगर अंग्रेजों से कुछ सीखना ही है तो फेसबुक के मालिक आईफोन के मालिक है उनसब कुछ अनुसरण लीजिए ना कि यह वैलेंटाइन डे जो भारतीय संस्कृति को धूमिल करने के दिन के रूप में जाना जाता है,आज के दिन को हम युवाओ को शहीद दिवस के रूप में ही मनाना चाहिए।