UPPCL मे पीएफ घोटाले के बाद उपभोक्ताओं के यहा लगने वाले स्मार्ट मीटर की गुडवक्ता पर हड़कम UPPCL के पुरनके बड़केबाबू पर गिर सकती गाज

लखनऊ 2 फरवरी बिजली उपभोक्तओं के यहाँ लगने वाले स्मार्ट मीटर की गुणवक्ता के सवाल पर प्रगति यात्रा द्वारा लगातार उठने वाले सवाल पर विगत कई माह से गुगाबहरे की मुद्रा जबरदस्ती उपभोक्ताओं के सर थोपे जाने वाले स्मार्ट मीटर पर उ प्र के ऊर्जा मंत्री शिकायत को संज्ञान  लिया और सख्त रूख अपनाते हुए दोषियो के विरुद्ध कार्यवाही तक की चेतावनी दे डाली । जब कि यह सारा पाप UPPCL के पुरनके बड़केबाबू और उस वक्त की विधि विशेषज्ञ के द्वारा खेला गया खेल है जिसमे उपभोक्ता और UPPCL दोनो ठगी के शिकार हुए है और उस वक्त के प्रबंधन ने दोनो हाथो से मोटी मलाई चाट कर स्मार्ट मीटर नामक यन्त्र द्वारा उपभोक्ताओं को जमकर ठगने का काम किया इसके शुरुवात दौर मे ही उपभोक्ता संरक्षण उत्थान समिति नामक संस्था द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्याय पालिका मे स्मार्ट मीटर द्वारा उ प्र के साथ होने वाली उपभोक्ता ठगी की आशंका जताते हुए माननीय न्यायपालिका के संज्ञान मे डालते हुए इसे रोकने की मांग की गई थी जो अभी विचाराधीन है वैसे पाठकों के संज्ञान में एक बात लाना चाहता हूँ कि *यह जो 40 लाख स्माट मीटर लगाये जा रहे वो EES द्वारा L&T को पूरे प्रदेश में लगाने का जिम्मा सौंपा है जिसको कि कम्पनी के कर्मचारियों की फौज जबरदस्ती लगा रहे हैं और जो व्यक्ति मीटर लगाने का विरोध करता है तो जबरदस्ती उसके घर में घुस कर जबरन मीटर ठोक दिया जाता है  आप को बताते चले कि 8 /8/17 को हुई बैठक के बाद uppcl और EESL के बीच एक MOU साईन किया जाता जिसमे 12 टाऊन एरिया चुने जाते है साथ ही साथ वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्र में भी इसमे शामिल किया जाता है इस मीटर की कीमत 5 साल मे महीने के 85₹+ gst पर मीटर देना होगा  यह अवधि 5 साल के लिए बढाई भी जा सकती हैं जब कि 7/5/2019 तक किसी भी डिस्काम मे कोई भी एग्रीमेंट नही हुआ था यह तो शुरूआत है वैसे जीनस के मीटर केस्को ने पहले ही प्रतिबंधित कर 24/1/2019 को ही धरोहर राशि जप्त कर ली थी क्यो कि उन का बहुत सारे मीटर गारेन्टी के समय मे ही खराब हो गये थे तो गुणवत्ता के मानको पर खरे नही उतरे थे परन्तु रहस्यमय तरीके से बिना किसी समझौते के यह लगने शुरू भी हो गये थे जिससे साफ जाहिर होता है कि स्मार्ट मीटर को अपने निजी स्वार्थ को सिद्ध करने के लिये UPPCL के पूर्व प्रबंधन के बड़केबाबूओ ने सोची समझी साजिश के तहत प्रदेश के उपभोक्ताओं पर थोपा था जिसकी पूरी कलई अब खुलनी शुरू हो चुकी है प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकान्त शर्मा के कार्यवाही की चेतावनी के बाद UPPCL के प्रबंधनिदेशक ने इसकी जाँच के लिये एक कमेटी गठित की है जिसे तीन दिन मे अपनी रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है इस चार सदस्यी कमेटी मे चीफ (वाणिज्य2) अश्वनी कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता मे गठीत कमेटी मे स्मार्ट मीटर प्रोजेक्ट के नोडल योगेश कुमार, आईटी सेल के ए पी सिंह, SE आर के जैन को नामित किया गया है इस सम्बंध मे चेयरमैन अरविन्द कुमार ने प्रदेश के उपभोक्ताओं को कहा है कि जिन उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से सम्बन्धित कोई शिकायत है तो उसकी जाँच कर उचित कार्यवाही की जाएगी यानी मलाई खाया पुरनके बड़केबाबूओ ने सफाई और उपभोक्ता हित कार्यवाही करेगे नवागन्तुक बड़केबाबू पर क्या प्रदेश के


 उपभोक्ताओं के साथ स्मार्ट मीटर नामक इस ठगी यन्त्र।


 की साजिश करने वालो के विरुद्ध कोई कार्यवाही होगी या मात्र हाय तौबा कर मामले को ठण्डे बस्ते मे डाल दिया जाएगा ।
   
       


अविजित आनन्द प्रबंध UPPCL मे पीएफ घोटाले के बाद उपभोक्ताओं के यहा लगने वाले स्मार्ट मीटर की गुडवक्ता पर हड़कम UPPCL के पुरनके बड़केबाबू पर गिर सकती है  गाज।