विद्यालयों में महिला सम्मान कक्षा का किया गया आयोजन

कौशाम्बी। जनपद के प्रत्येक विद्यालयों में बुधवार को महिला सम्मान कक्षा का आयोजन किया गया।जिसमें महिलाओं एवं बच्चियों के प्रति सम्मान का भाव जागृत करने हेतु बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता पर बल दिया गया। महिला सम्मान कक्षा के अवसर पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा टेंवा प्राथमिक विद्यालय में पहुंचकर आयोजित कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए कहा कि माता पिता एव शिक्षक बच्चों से छोटी.छोटी बातों पर चर्चा करें तथा उनके अन्दर अच्छी सोंच पैदा करें लड़कें एवं लड़कियों में किसी भी प्रकार का भेदभाव न होने दें। कहा कि माता.पिता एवं शिक्षक बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार दें। 


जिलाधिकारी ने कहा कि समाज में महिलाओं एवं बच्चियों के प्रति अपराध को रोकने के लिए बच्चों को संस्कारित करना एवं उनको अच्छी शिक्षा देनी चाहिए। कहा कि बच्चे कच्ची मिट्टी के घड़े के समान होते हैं उनके चरित्र निर्माण में माता.पिता एवं शिक्षकों की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है अच्छे संस्कार से सुरक्षित समाज का निर्माण होता है और उस संस्कारिक समाज में हमारी बेटियां सुरक्षित रहेंगी। कहा कि कोई भी बच्चा बचपन से ही अपराधी नहीं होता है यदि हम उसको अच्छे संस्कार दें और उसके मन में लैंगिक समानता लाने का भाव उत्पन्न करें तो कभी भी उसके अन्दर महिलाओं एवं बच्चियों के प्रति असम्मान का भाव नहीं उत्पन्न हो सकता। 


अपने सम्बोधन में उन्होने कहा कि शिक्षक यह महसूस करें कि उनकी भी बेटियां है समाज के लोगों को बेहतर बनाने में वे अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करें। 
जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चे क्या महसूस करते हैं उसे अनदेखा न करें या उनकी बात को न टालें सदैव उनके विचार एवं भाव को समझ कर उनकी प्रत्येक जिज्ञासा का समाधान करें।


 उन्होंने कहा कि माता.पिता को चाहिए कि बच्चे अगर गलती करें तो उन्हें सजा देने के बजाय उनको समझायें कि यह गलत है इसको न करें। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी एवं अध्यापिकाओं सहित अन्य गांव की महिलाओं एवं अधिकारीगणों के अलावा काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।