यूपी रोडवेज : सेना के रिटायर्ड ड्राइवरों के हाथों में होगी बस की कमान

उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों में यात्रियों का सफर और सुरक्षित होगी। इसके लिए सेना के रिटायर्ड चालकों की भर्ती होगी। पहले चरण में इनकी भर्ती लखनऊ, गाजियाबाद, गोरखपुर व आगरा क्षेत्र में की जाएगी। ये चालक लंबी दूरी की रात्रिकालीन जनरथ बसों में तैनात किए जाएंगे। ताकि बस दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सके। इस संबंध में बुधवार को परिवहन निगम की बोर्ड ने मंजूरी दे दी है।


अधिकारी बतातें है कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत इनकी भर्ती होगी। शुरुआत में ड्राइवरों की तैनात 5-5 जनरथ बसों में 2-2 ड्राइवरों के रूप में होगी। इससे बस दुर्घटनाओं में कमी आएगी और डीजल औसत में बढ़ोत्तरी होगी। बसों रखरखाव में सुधार होगा


इन सबके बाद चालकों की समीक्षा करके इन नीति पर दूसरे चरण में निर्णय लिया जाएगा। निगम मुख्यालय पर निदेशक मंडल की 227वीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह, विशेष सचिव परिवहन और एमडी डॉ. राजशेखर ने यात्री हित और कर्मचारी हित के प्रस्ताव पर अपनी मंजूरी दी है।
बोर्ड बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय


रोडवेज कर्मियों को ग्रेच्युटी की धनराशि की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये की अनुमति दी गई।


केंद्रीय कार्यशाला रावतपुर, कानपुर की भूमि को जनहित मेट्रो रेल को प्रयोग करने हेतु अनुमति प्रदान की गई।


एटा के अलीगढ़, मथुरा के नौझील, प्रयागराज के कोरांव, प्रतापगढ़ के कुंडा बस स्टेशन का सौन्दीयकरण होगा।


ठेका नियमावली 2009 में बदलाव करते हुए ई टेंडर में पान, सिगरेट व पीसीओ के स्टाल समाप्त कर दिए गए।


अब यात्री प्लाजा हर बस स्टेशन से 80 किलोमीटर की दूरी के बजाए हर 50 किलोमीटर पर यात्री ढाबा खुलेगा।