दिल्ली हिंसा के मुद्दे पर संसद में दिनभर हंगामा, दोनों सदन कल तक के लिए स्थगित

दिल्ली हिंसा पर होली के बाद चर्चा के लिए सरकार तैयार


नई दिल्ली ।     दिल्ली हिंसा को लेकर मंगलवार को भी विपक्ष ने दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया। विपक्ष हिंसा पर तत्काल चर्चा कराने की मांग कर रहा है। जिसपर सरकार होली के बाद चर्ता कराने के लिए तैयार हो गई है। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ने सांसदों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई किसी की सीट पर जाएगा तो मैं उसे पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दूंगा। हंगामे के कारण लोकसभा को स्थगित कर दिया गया है और राज्यसभा तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। ल्ली हिंसा के विषय पर लोकसभा में जारी गतिरोध मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के यह कहने के बावजूद नहीं टूट पाया कि सरकार इस मुद्दे पर होली के बाद चर्चा कराने को तैयार है। इस मुद्दे पर तुरंत चर्चा की मांग को लेकर अड़े विपक्ष के हंगामे और सत्तापक्ष और विपक्ष के कुछ सदस्यों के बीच धक्कामुक्की के कारण सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। दिल्ली में हिंसा के मुद्दे पर हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक दो बार के स्थगन के बाद दोपहर तीन बजकर करीब दस मिनट पर दिन भर के लिए स्थगित की गई। गृह राज्यमंत्री ने लोकसभा में जानकारी दी है कि एनपीआर की तैयारी के संबंध में सरकार राज्यों के साथ चर्चा कर रही है। प्रत्येक परिवार और व्यक्ति के जनसांख्यिकीय और अन्य विवरणों को एनपीआर के में एकत्र किया जाना है। इस दौरान कोई दस्तावेज एकत्र नहीं किया जाना है। सीआरपीएफ और एसपीजी सुरक्षा कितने लोगों को प्रदान की जा रही है इस संबंध में गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में बताया कि वर्तमान में सीआरपीएफ के तहत 56 और एसपीजी के तहत एक लोग को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा है कि आप्रवासन ब्यूरो की जानकारी के अनुसार, अब तक पांच विदेशी नागरिकों को वीजा नियमों का उल्लंघन करने पर भारत छोड़ने को कहा गया है। इन सभी ने सीएए विरोधी रैलियों में भाग लिया था। सशस्त्र सीमा बल के आईटीबीपी के साथ विलय पर गृह राज्यमंत्री ने कहा कि इस पर विचार करने के लिए बातचीत की गई थी और अनौपचारिक परामर्श लिए गए थे। हालांकि, वर्तमान में ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।